Faridabad Elevated Corridor: फरीदाबाद में सरकार की और से ट्रैफिक जैम से रहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे आहे इसी के चलते अब 1550 करोड़ रुपये के ईस्ट वेस्ट एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दे दी गई है जिसके चलते यह परियोजना NIT को ग्रेटर फरीदाबाद से जोड़ेगी।
इस मार्ग में करीब 9 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर और अंडरपास बनाया गया है। यह घोषणा वित्त वर्ष के 2026 और 2027 के बजट सत्र में की गई है। सरकार का दावा है कि इस कॉरिडोर के बनने से गुरुग्राम और दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन चालकों को सीधे और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। अभी जिन रास्तों पर 40 से 60 मिनट लगते हैं, वे सफर घटकर कुछ ही मिनटों में पूरे हो सकेंगे। Faridabad Elevated Corridor
क्यों जरूरी था ईस्ट वेस्ट एलिवेटेड कॉरिडोर Faridabad Elevated Corridor

दिल्ली NCR का मुख्य औद्योगिक शहर फरीदाबाद है जिसके चलते यहाँ करीब पिछले एक दशक से काफी विकास कार्य को गति मिली है। लेकिन कुछ इलाकों में कमजोर नेटवर्क होने के कारण विकास में बाधा हो रही थी जिसके चलते यह नई परियोजन को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में वाहन चालकों को लंबा घुमाव लेना पड़ता है। Faridabad Elevated Corridor
वाहन चालकों को होगा लाभ
अभी जाम के चलते वहां चालकों को काफी लंबा या तो घुमाव लेना पड़ता है या फिर ज्यादा ईंधन खपत करके प्रदूषण बढ़ता है जिसके चलते ज्यादा ट्रैफिक के समय छोटी सी दुरी भी तय करने में करीब एक घंटे का समय लग जाता है। जिससे जाम के कारण ईंधन की खपत और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। Faridabad Elevated Corridor
शहरी परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए ऊंचे मार्ग और ग्रेड सेपरेटेड जंक्शन ही स्थायी समाधान हैं। एक वरिष्ठ ट्रैफिक प्लानर के अनुसार, यदि कनेक्टिविटी मजबूत नहीं की गई तो आने वाले वर्षों में यातायात दबाव दोगुना हो सकता है।
परियोजना का पूरा रूट और प्रमुख निर्माण
करीब 9 किलोमीटर लंबा यह ईस्ट वेस्ट एलिवेटेड कॉरिडोर कई अहम स्थानों को जोड़ेगा। इस परियोजना से बड़खल गांव के ऊपर फ्लाईओवर और सैनिक कॉलोनी मोड़ से बड़खल रोड तक फ्लाईओवर के अलावा झील क्षेत्र के पास एलिवेटेड संरचना और अनखीर चौक पर बड़ा जंक्शन फ्लाईओवर फिर सैनिक कॉलोनी से ईएसआई चौक तक लगभग 1.6 किमी का एलिवेटेड मार्ग बनेगा जिसके बाद सैनिक कॉलोनी से प्याली चौक,।
हार्डवेयर चौक और बाटा चौक तक कनेक्टिविटी और अजरौंदा चौक के पास लगभग 300 मीटर लंबा अंडरपास बनेगा जिसके उपरांत सेक्टर 12 से बीपीटीपी चौक तक लगभग 1 किलोमीटर का ऊंचा मार्ग बाटा रेलवे ओवरब्रिज से राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर उतरते समय स्लिप रोड बनाई जाएगी, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह सुचारु रहेगा।

