Jind news : जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी जांच, PNDT एक्ट के तहत बनाई टीमें

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Jind news : जींद जिले में चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों की अब जांच की जाएगी। पीएनडीटी एक्ट के तहत यह अल्ट्रासाउंड खरे उतरे है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। पीएनडीटी एक्ट के तहत एक फार्म जारी किया गया है। इसमें जो-जो प्वाइंट हैं, उन सभी को अल्ट्रासाउंड संचालकों को पूरा करना होगा। इसके लिए एक एसएमओ तथा एक अन्य चिकित्सक की टीम बनाई है। पूरे जिले में 39 अल्ट्रासाउंड केंद्र व मेटरनिटी अस्पताल हैं। सभी केंद्रों की जांच 31 मार्च तक सिविल सर्जन को सौंपनी होगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्राें की जांच की जाती। यदि कहीं भ्रूण जांच का पता चलता है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम छापेमारी भी करती है। जिले में पिछले दो साल से ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। पीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन हो, इसके लिए हर संभव प्रयास स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन करता रहता है। अब जिले में मौजूद सभी 39 अल्ट्रासाउंड केंद्रों व मेटरनिटी अस्पतालों की जांच की जाएगी। इसमें कुछ प्वाइंट दिए गए हैं, जो सभी अस्पताल (Jind news) व अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों को पूरा करने होंगे। यदि यह प्वाइंट पूरे नहीं पाए गए तो अल्ट्रासाउंड का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

Jind news: All ultrasound centres in the district will be inspected, teams formed under the PNDT Act.
Jind news: All ultrasound centres in the district will be inspected, teams formed under the PNDT Act.

 

जिले में बनाई गई 14 टीमें (Jind news)

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 39 अल्ट्रासाउंड केंद्रों व मेटरनिटी अस्पतालों की जांच के लिए 14 टीमें बनाई गई हैं। इन सभी टीमों में दो-दो अधिकारियों को रखा गया है। यह टीमें अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाकर पूरी चेकलिस्ट भरेंगे। यदि कोई भी प्वाइंट पूरा नहीं मिला तो उसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी। इसके बाद पीएनडीटी एक्ट के पालन के लिए बनी कमेटी अल्ट्रासाउंड केंद्र का लाइसेंस भी रद्द कर सकती है। इसके लिए अल्ट्रासाउंड केंद्र में सभी नियमों का पालन होना चाहिए।

अल्ट्रासाउंड केंद्रों व मेटरनिटी अस्पतालों की जांच की जांच 31 मार्च तक पूरी करके सिविल सर्जन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। प्रत्येक टीम में दो सदस्य रखे गए हैं। जिले में 39 केंद्रों की जांच करनी है। जल्द ही सभी केंद्रों की जांच पूरी करके सिविल सर्जन को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। हर हाल में पीएनडीटी एक्ट का पालन किया जाएगा। जो अल्ट्रासाउंड केंद्र पीएनडीटी एक्ट का पालन नहीं करेगा, उसका लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।

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