Haryana Citizen Helpdesk: हरियाणा सरकार की और से अब कई सरकारी महकमों में फाइलों का अटकना कर रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्र नहीं काटने पड़ेगें। सरकार की और से अब नया नियम लाया गया है जिसके तहत अब कोई भी ऐसे सरकारी कार्य की जानकरी सिर्फ 72 घंटे में ही मिल जाएगी। सरकार ने जनता की सुविधा को देखते हुए सिटीजन हेल्प डेस्क की शुरुआत की है। Haryana Citizen Helpdesk
वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि अब जनता कि शिकायतों का जल्द निपटान होगा। इस नई व्यवस्था से अब सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता आएगी यह नया नियम जनता के पक्ष में और भ्रष्टाचार के विरुद्ध है। जिसके चलते अब किसी भी कार्य के लिए लम्बा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
रजिस्ट्री और टोकन के लिए नई समय-सीमा, लापरवाही पर गिरेगी गाज

नई नियम के मुताबिक अब राजस्व विभाग ने सेवाओं के लिए यदि रजिस्ट्रेशन टोकन 5 दिनों के अंदर नहीं मिलता तो कोई भी व्यक्ति हेल्प डेस्क पर इस बारे में शिकायत कर सकता है। इतना ही नहीं टोकन मिलने के बाद भी 10 दिनों में ही अपॉइंटमेंट बुक करना भी जरुरी होगा। नहीं तो टोकन खुद ही रद्द हो जाएगा। Haryana Citizen Helpdesk
इसके अलावा टोकन मिलने के 20 दिन के भीतर अगर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया नहीं होती तो सारी प्रक्रिया रद्द हो जाएगी और इस बारे में सबंधित अधिकारी को जवाबदेही देनी होगी। इसी के चलते सरकार ने आदेश दिया है कि सिस्टम में किसी भी प्रकार कि देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।
हेल्प डेस्क से कैसे जुड़ें? ये हैं संपर्क के दो आसान तरीके Haryana Citizen Helpdesk
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नागरिक अपनी शिकायतें दो माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं। पहला तरीका है लैंडलाइन नंबर 0172-2711693 पर कॉल करना और दूसरा ईमेल helpdesk-rev@hry.gov.in के जरिए अपनी समस्या भेजना। यह सेवा सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल पर एक शिकायत नंबर आएगा। इस नंबर के जरिए शिकायतकर्ता घर बैठे ऑनलाइन देख सकेगा कि उसकी फाइल किस मेज पर है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।
डीसी और वित्त आयुक्त रखेंगे सीधी नजर
इस व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे डिजिटल निगरानी से जोड़ा गया है। शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रलाइज्ड डैशबोर्ड तैयार किया गया है जिसका एक्सेस सीधे जिला उपायुक्त DC और वित्त आयुक्त के पास होगा। Haryana Citizen Helpdesk
इससे यह पता चल जाएगा कि किस अधिकारी के पास कितनी शिकायतें पेंडिंग हैं और किसने 48 घंटे की समय-सीमा का उल्लंघन किया है। 48 घंटे के भीतर समाधान न होने पर सिस्टम ऑटो-अलर्ट जनरेट करेगा, जिससे दोषी अधिकारियों पर तत्काल विभागीय गाज गिर सकती है।

