Haryana FAR Increase: हरियाणा सरकार की और से प्रदेश में जनता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगतार कई प्रयास किये जा रहे है जिसक चलते अब बजुर्ग लोगों को फिर से सौगात दी गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने सीनियर सिटिजन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए फ्लोर एरिया रेशियो में बढ़ोतरी की है।
जिसके चलते अब शहर में बजुर्गों के लिए विकसित की जाने वाली कालोनियों के निर्माण के लिए सिमा को 2.25 से बढ़कर 3.0 कर दिया गया है। जिसके चलते सरकार का उद्देश्य है की इससे अब बजुर्गों को तंग गलियों में न रहना पड़े। ताकि उन्हें खुला वातारण मिल सकें।
क्या है FAR और बुजुर्गों को इससे सीधा लाभ क्या होगा Haryana FAR Increase

FAR का पैमाना यह तय करता है की जमीन पर कितना निर्माण कार्य किया जा सकता है। FAR बढ़ने का अर्थ है की अब डेवलपर्स एक प्लाट में पहले से ज्यादा फ्लोर को तैयार कर सकेंगें। जिसके चलते कालोनी में रहने वाले बजुर्गों को बड़े और हवादार कमरे मिल सकेंगे। इसमें बजुर्गों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई लिफ्ट फिजियोथेरेपी सेंटर, कम्युनिटी किचन और योग के लिए पार्किंग सुविधा भी होगी। बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए यह बदलाव एक संजीवनी की तरह काम करेगा।
रियल एस्टेट में आएगा उछाल Haryana FAR Increase
इसी के चलते अब सरकार के इस फैसले का असर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार पर भी देखने को मिलेगा। अब तक बिल्डर्स सीनियर सिटिजन प्रोजेक्ट्स में कम मुनाफे और सीमित निर्माण क्षेत्र के कारण निवेश से कतराते थे। Haryana FAR Increase
लेकिन अब FAR बढने से ज्यादा स्थान पर निर्माण हो सकेगा। हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियम अधिनियम-1975 के तहत किए गए इस नीतिगत बदलाव से आने वाले समय में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत जैसे शहरों में वर्ल्ड-क्लास रिटायरमेंट हाउसिंग प्रोजेक्ट्स देखने को मिलेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की ओर बढ़ते कदम Haryana FAR Increase
हरियाणा सरकार का यह कदम केवल ईंट-पत्थर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुजुर्गों के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रदेश में रिटायरमेंट के बाद बसने की योजना बना रहे लोगों के लिए अब हरियाणा पहली पसंद बन सकता है। सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल बुजुर्गों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

