Jind news : हरियाणा के जींद जिले से विशाखापत्तनम में तैनात सेना का जवान मनदीप 40 दिन की छुट्टी लेकर गांव राजगढ़ में घर पर आया था। वह लापता हो गया है। उसकी यूनिट से फोन आने के बाद ही पता चला कि वह लापता है। वह बीच-बीच में घर पर फोन करता रहा कि वह ड्यूटी पर है। पुलिस ने केस दर्ज कर मनदीप की तलाश शुरू कर दी है।
कपूर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि उसका 36 वर्षीय बेटा मनदीप 2012 में भर्ती हुआ था। वह फरवरी में 40 दिन की छुट्टी लेकर विशाखापत्तनम से चला था। दो अप्रैल तक वह परिवार से फोन पर बात करता रहा और कहता रहा कि वह ड्यूटी पर है। 17 अप्रैल को विशाखापत्तनम यूनिट से उनके पास फोन आया कि मनदीप छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। इसके बाद स्वजन को उसके लापता होने का पता चला।
Jind news : 17 फरवरी से होटल में रह रहा था
स्वजनों को मनदीप के दोस्त गांव मिर्चपुर निवासी प्रदीप ने बताया कि मनदीप का सामान जींद के सफीदों रोड स्थित एक होटल में रखा हुआ है। स्वजन बुधवार को होटल पहुंचे। होटल मालिक ने बताया कि मनदीप 17 फरवरी को आया था और तीन अप्रैल को यहां से चला गया। स्वजन उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क करते रहे, लेकिन वह बंद आ रहा है।
Jind news : होटल में कोई मिलने नहीं आता था, एक- दो दिन के लिए कहीं चला जाता था
होटल के एक स्टाफ सदस्य ने बताया कि मनदीप ने बताया था, वह ट्रेडिंग का काम करता है। वह होटल से कभी- कभी चला भी जाता था। एक- दो दिन बाद वापस आता था। होटल में उससे कोई मिलने नहीं आता था, वह कमरे में अकेला ही रहता था।
Jind news : होटल के किराये 25 हजार थे बाकी थे, स्वजनों ने दिए
स्टाफ के अनुसार तीन अप्रैल के बाद मनदीप वापस होटल नहीं आया। उसका होटल का 25 हजार रुपये बकाया था। स्वजन उसकी बकाया राशि होटल संचालक को देकर गए हैं। आइडी के तौर पर मनदीप ने अपना आधार कार्ड दिया था। जिस पर उसके घर का पता लिखा हुआ था।
स्वजन को अनहोनी की आंशका
कपूर सिंह ने कहा कि उसका बेटा होटल में क्यों रहा और घर क्यों नहीं आया। इससे उसके मन में किसी अनहोनी का संदेह है। उन्होंने सिविल लाइन थाना पुलिस से बेटे की तलाश करने की अपील की है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर मनदीप की तलाश शुरू कर दी है। होटल के सीसीटीवी फुटेज व मनदीप के मोबाइल की काल डिटेल खंगाली जा रही है। पुलिस अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रही है। जल्द ही मनदीप के बारे में पता चल जाएगा।
-पूजा, सिविल लाइन थाना प्रभारी।

