Ekta Kranti, नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA) के बारे में अपडेट का इंतजार था। अब सरकार ने फैसला किया है कि DA को मूल सैलरी में मर्ज किया जाएगा, जिससे सैलरी संरचना में बड़े बदलाव होंगे।
जनवरी में नए वेतन आयोग के गठन की घोषणा की गई थी, और अब प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। यह आयोग अप्रैल तक गठित हो जाएगा, और उसके बाद इसकी सिफारिशें सरकार को सौंप दी जाएंगी। 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है।
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सैलरी और भत्तों में संशोधन
8Th Pay Commission के तहत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और भत्तों में संशोधन किया जाएगा। जब आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाएगा, तो महंगाई भत्ता (DA) को मूल सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा, और यह शून्य से शुरू होगा। इस कदम से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में डेढ़ गुना तक वृद्धि हो सकती है।
भत्तों पर प्रभाव
जब DA को मूल सैलरी में मर्ज किया जाएगा, तो सरकारी कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय हो जाएगी और उसी पर DA की गणना की जाएगी। हालांकि, महंगाई भत्ता शून्य से शुरू होगा। 8वें वेतन आयोग के तहत जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो सकता है, और तब महंगाई भत्ता शून्य हो सकता है।
DA में वृद्धि के साथ-साथ अन्य भत्तों पर भी असर पड़ेगा। महंगाई भत्ता शून्य होने के बाद, अन्य भत्तों की गणना भी इसी आधार पर की जाएगी।
DA की गणना कैसे की जाती है?
सरकार हर छह महीने में DA में संशोधन करती है: पहली बढ़ोतरी 1 जनवरी से 30 जून तक और दूसरी बढ़ोतरी 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक की जाती है। यह संशोधन अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है, जो महंगाई के अनुसार DA में कितनी वृद्धि की जाएगी, यह निर्धारित करता है।
DA मर्ज होने के बाद सैलरी में इजाफा
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर DA को मूल वेतन में मर्ज किया जाएगा, जिसके बाद कर्मचारियों के कुल वेतन में भी वृद्धि होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है और उसे 50% महंगाई भत्ता मिलता है (यानि DA 9,000 रुपये), तो 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद, DA को मूल वेतन में मर्ज करके कर्मचारी का कुल वेतन 27,000 रुपये हो जाएगा।
महंगाई भत्ता शून्य
नए वेतन आयोग के लागू होने के साथ, पुराने DA को कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाएगा। ऐसा पहले भी 7वें और 6वें वेतन आयोगों के लागू होने के समय किया गया था। हालांकि, वित्तीय स्थिति के कारण कई बार यह प्रक्रिया टल जाती है।
2006 में जब छठे वेतन आयोग का गठन हुआ था, तब 5वें वेतन आयोग के 187% DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया गया था। इसके बाद, छठे और सातवें वेतन आयोगों में भी DA को सैलरी में मर्ज किया गया था।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि जब नया वेतन आयोग गठित होगा और उसकी सिफारिशें सरकार को सौंप दी जाएंगी, तब DA को मर्ज किया जा सकता है। उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है, और तब तक DA 60% तक पहुंच सकता है। इसके बाद महंगाई भत्ता को मूल सैलरी में मर्ज करके इसे शून्य कर दिया जाएगा।