Dr. Sudha Malhotra : जींद में हिंदू कन्या कालेज से सेवानिवृत्त हिंदी की एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुधा मल्होत्रा जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं। अब तक वे 150 से अधिक बच्चों को शिक्षित कर चुकी हैं। डिफेंस कालोनी निवासी डा. सुधा मल्होत्रा 2022 में हिंदू कन्या कालेज से सेवानिवृत्त हो गई थी। डा. सुधा मल्होत्रा ने बताया कि सेवानिवृत्त के बाद उनके मन में स्लम एरिया के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का मन में विचार आया। शुरुआत में उन्होंने दो साल तक नौवीं कक्षा तक के 50 बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। उनके साथ शिक्षिका रविंद्र भी गणित के विषय बच्चों को पढ़ाती थी। उन्होंने बताया कि स्लम एरिया में जरूरतमंद बच्चे स्कूल नहीं जा पाते थे। ऐसे में उन्होंने वहां बच्चों को निशुल्क पढ़ाना शुरू किया।
गोपाल स्कूल में बच्चों को सिलाई करवाना (Dr. Sudha Malhotra)
दो साल उन्होंने वहां पढ़ाया, लेकिन वहां कुछ कारणों से वहां की धर्मशाला खाली करनी पड़ी। वे गोपाल विद्या मंदिर स्कूल में अध्यक्ष भी थी। ऐसे में इस प्रकार की चुनौती सामने आने के बाद उनके मन में आया कि सामाजिक कार्य इतना आसान नहीं है। इसके बाद उन्होंने गोपाल स्कूल में बच्चों को सिलाई करवाना भी शुरू किया और साथ में मजदूर बस्ती के बच्चों को भी पढ़ाना शुरू किया।

राजकीय महाविद्यालय पिल्लूखेड़ा में कार्यरत शिक्षिका (Dr. Sudha Malhotra)
पढ़ाने के साथ-साथ बच्चों में संस्कार देना भी उनका मुख्य मुख्य लक्ष्य रहा है ताकि वे एक आगे चलकर अच्छे नागरिक बन सके। उन्होंने बताया कि स्लम बस्ती या शहर में कई जगह ऐसी है, जहां घरेलू तंगी व आर्थिक परेशानियों के चलते अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाते। पारिवारिक हालात के चलते बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते। ऐसे में वह उन एरिया में जाकर बच्चों को शिक्षा देने का प्रयास करती हैं। स्लम बस्ती में सुधा मल्होत्रा के साथ राजकीय महाविद्यालय पिल्लूखेड़ा में कार्यरत शिक्षिका रविंद्र भी बच्चों को निशुल्क पढ़ाती थी। इसके साथ उनकी छात्रा हिंदू कन्या कालेज से बीए पासआउट किरण वर्मा और सुनीता भी जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क पढ़ाती थी।
अब रोहतक रोड बाईपास पर जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रही (Dr. Sudha Malhotra)
डा. सुधा मल्होत्रा अब पिछले एक साल से रोहतक रोड बाईपास स्थित न्यू कृष्णा कालोनी में जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रही हैं। वहां एक युवती ने अपने घर में आंगन बच्चों को पढ़ाने के लिए दे रखा है, जहां शिक्षिका सुधा बच्चों को दोपहर बाद चार बजे से लेकर शाम छह बजे तक पढ़ाती हैं। इसके साथ-साथ गोपाल स्कूल में सिलाई सेंटर में बच्चों को सिलाई भी सिखाई जाती है। वहां बच्चों को सिलाई सिखाने के लिए एक शिक्षिका लगा रखी है, जिसका खर्च विद्या भारती संस्था उठाती है। छुट्टियों के समय सिलाई केंद्र में बच्चों की संख्या 30 से 35 रहती है, जबकि अन्य दिनों में बच्चों की संख्या 10 से 15 रहती है।

