Haryana Farmer Aadhar card Loan : चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खेती के लिए लोन लेने की प्रक्रिया को (Rural Digital Credit System) आसान और डिजिटल बनाने का फैसला किया है। अब किसान को लोन के लिए न तो कागजों की फाइल उठानी पड़ेगी और न ही पटवारी के पास जाना पड़ेगा तथा न ही तहसील व बैंक के चक्कर काटने होंगे। राज्य सरकार जल्द ही ‘ग्रामीण डिजिटल क्रेडिट सिस्टम’ लागू करने जा रही है, जिसके तहत केवल आधार कार्ड नंबर से ही लोन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार किसानों की वर्षों पुरानी इस समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। दरअसल हरियाणा सरकार ग्रामीण डिजिटल क्रेडिट सिस्टम योजना (Rural Digital Credit System) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सहयोग से लागू करने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार और RBI के बीच जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत बैंकों को जमीन से जुड़े किसी भी कागजी दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैंकिंग सिस्टम को सीधे राज्य सरकार के डिजिटल भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।

Farmer Aadhar card Loan: आधार नंबर से जमीन का रिकार्ड होगा आटोमेटिक वेरिफाई
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह प्रणाली कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी (Rural Digital Credit System) बदलाव साबित होगी। जैसे ही किसान बैंक में लोन के लिए आवेदन करते समय अपना आधार नंबर देगा, आधार प्रमाणीकरण होते ही सिस्टम अपने आप जमीन का पूरा रिकॉर्ड निकाल लेगा। जमीन के मालिक का नाम और रकबा ऑनलाइन वेरिफाइड होते ही लोन की फाइल तुरंत आगे बढ़ा दी जाएगी। इससे लोन स्वीकृति में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
Farmer Aadhar card Loan : किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों को मिलेगा सबसे पहले फायदा
सरकार इस डिजिटल क्रेडिट सिस्टम को दो चरणों में लागू करेगी। पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारकों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। हरियाणा में बड़ी संख्या में किसान खेती के लिए केसीसी लोन का उपयोग करते हैं, ऐसे में सबसे पहले इन्हीं किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बता दें कि अब तक किसानों को लोन (Farmer Aadhar card Loan) लेने के लिए पटवारी से जमीन की फर्द, तहसील से सत्यापन और फिर बैंक में दस्तावेज जमा कराने की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
इस पूरी प्रक्रिया में कई बार हफ्तों लग जाते थे और किसानों को मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद मानवीय हस्तक्षेप लगभग खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल किसानों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

