Haryana Family ID: हरियाणा में Family ID को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए AI तकनीक से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। इस नई प्रणाली से परिवार के बारे में सभी वित्तीय जानकारी का अच्छे से विश्लेषण किया जाएगा। इसमें आय से लेकर बैंक लेनदेन और स्कूल फीस जैसी जानकारी भी शामिल की जाएगी।
जिसके चलते परिवार की आय के बारे में स्पष्ट जानकारी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी केवल योग्य लोगों को ही मिल सकेगा। अब के समय में हरियाणा में करीब 56 लाख से भी अधिक लाभार्थी सामाजिक सेवाओं और योजनाओ का इस प्रकार से लाभ ले रहे है। इसलिए ऐसे बदलाव से कई परिवारों की पात्रता पर भी असर पद सकता है।
AI से होगा परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन Haryana Family ID

जैसे की पहले भी बताया गया है की अब AI से डाटा का विश्लेषण किया जाएगा जिसके चलते आर्थिक स्तिथि के बारे में हर परिवार की स्पष्ट जानकारी सर्कार के पास होगी। इसमें भौतिक आया ही न होकर सभी आर्थिक मसलों को शामिल किया गया है। Haryana Family ID
इनमें प्रमुख रूप से शामिल होंगे
इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से बैंक खातों में लेनदेन का पैटर्न और परिवार के सदस्यों की संपत्ति और वाहन के अल्वा बच्चों की निजी स्कूल फीस और बैंक लोन और EMI का बोझ भी शामिल होगा। इसके अलावा निवेश और अन्य वित्तीय गतिविधियां पर भी नज़र होगी।
क्यों पड़ी AI की जरूरत
कुछ परिवार कम आय दिखाकर महंगे स्कूलों में एडमिशन ले लेते है या फिर कई वित् गड़बड़ी शामिल होती है तो इसे AI से जल्द ही पहचान की जा सकेगी। सरकार को भी इस बारे में जानकारी मिल रही थी की कुछ लोग अपनी कम आय दिखाकर सामाजिक योजनाओ का लाभ लेते है। जिसके चलते जरूरतमंद लोगों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पता जिसके चलते AI तकनीक की आवश्यकता पड़ी। Haryana Family ID
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार
“AI आधारित जांच से योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक पात्र लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।” डिजिटल गवर्नेंस विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रणाली से मानवीय त्रुटियां कम होंगी और डेटा आधारित निर्णय लेना आसान होगा। Haryana Family ID
इस प्रकार होगी आर्थिक स्तिथि की जाँच Haryana Family ID
उदाहरण के तौर पर यदि कोई परिवार हर महीने 12000 रुपये स्कूल फीस देता है और सालाना 1.44 लाख रुपये का खर्च उसकी आर्थिक क्षमता का संकेत माना जाएगा इसके अलावा, लग्जरी खर्च, संपत्ति खरीद और वाहन जैसी चीजें भी आर्थिक स्थिति का हिस्सा मानी जा सकती हैं।बैंक लोन और EMI का भी मिलेगा उचित समायोजन है। जिसके चलते परिवार की सही आर्थिक स्तिथि का अंदाज़ा लगाया जा सकेगा।

