Haryana irrigation scheme: हरियाणा में 402 करोड़ की सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं मंजूर

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Haryana irrigation scheme: हरियाणा में जल सरक्षण को देखते हुए और खेती की स्तिथि को और मजबूत बनाने के लिए करीब 402.41 करोड़ रुपये की योजना को मजूरी दी गई है। इसमें सिंचाई सौर ऊर्जा आधारित परियोजना को मंजूरी मिली है। यह योजना का फैसला राज्य स्तर पर एक बैठक में लिया गया। यह परियोजना 4 जिलों के 20 ब्लॉक में लागु होगी। इससे कई किसानों को सीधा फयदा होगा।

8926 किसानो को सीधा लाभ Haryana irrigation scheme

Haryana irrigation scheme: Micro irrigation projects worth Rs 402 crore approved in Haryana
Haryana irrigation scheme: Micro irrigation projects worth Rs 402 crore approved in Haryana

इस परियोजना से हरियाणा के कुरुक्षेत्र , महेंद्रगढ़, भिवानी, झज्जर के किसानों को सीधा लाभ होगा इस परियोजना के लिए 402 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। Haryana irrigation scheme

इससे सौर ऊर्जा आधारित ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक पर कार्य होगा। इस तकनीक से पानी की बचत के साथ ही उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। यह परियोजना को 2026 से 2029 के बीच लागु किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इस योजना से करीब 11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि को आधुनिक सिंचाई तकनीक से जोड़ा जाएगा और 8926 किसानो को सीधा लाभ मिलेगा।

किन जिलों में लागू होंगी परियोजनाएं

जैसे कि पहले भी बताया गया है कि इस योजना को चार जिलों में लागू किया जाएगा, जहा जल प्रबंधन करना बहुत आवश्यक है इसमें कुछ इस प्रकार जिले के अनुसार ही बजट का भी निर्धारण किया गया है।

जैसे भिवानी: 95.78 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है और झज्जर: 114.68 करोड़ रुपये का बजट तय किया है जबकि कुरुक्षेत्र: 77.17 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। महेंद्रगढ़: 114.78 करोड़ रुपये का बजट रखा है इस बजट से करीब 61 नहरी आउटलेट्स पर आधुनिक सिंचाई सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।

कितने किसानों और गांवों को मिलेगा लाभ

इस परियोजना के पूरा होने के बाद 11,040 हेक्टेयर कृषि भूमि आधुनिक सिंचाई प्रणाली के तहत आएगी। इससे करीब 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा फायदा मिलेगा इसी पानी के बचाव में काफी सहायता मिलेगी। जानकरों के मुताबिक इससे पानी की खपत में 30 से 50 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। इस तकनीक से सूखे कि स्तिथि में भी फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है।

सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई क्यों है खास Haryana farmer scheme

इस परियोजना की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा, जिससे बिजली पर निर्भरता कम होगी। Haryana farmer scheme

कृषि तकनीक विशेषज्ञ के मुताबिक सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणाली किसानों के लिए दीर्घकालिक समाधान है। इससे बिजली खर्च कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। इससे हरियाणा में जल संकट से बचा जा सकता है। ऐसे में सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं पानी की बचत और टिकाऊ खेती के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। यह परियोजना 2029 तक पूरी करने की बात कही जा रही है।

किसानों और कृषि उत्पादन पर क्या होगा असर

इस परियोजना के लागू होने से कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी सिंचाई लागत में कमी आने से पानी की भी बचत होफी साथ ही फसल में वृद्धि होने से किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। जिससे किसान को सीधा फयदा मिलेगा।

इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक क्षेत्रों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से जोड़ा जाए। इससे जल संकट को नियंत्रित करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिले।

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