Haryana News : चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनकी वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले से 8 लाख से ज्यादा परिवारों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के दौरान 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार ने यह निर्णय केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया है।
हरियाणा सरकार (Haryana News) ने पिछड़ा वर्ग (OBC) की क्रीमी लेयर की आय सीमा जुलाई 2024 में 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी थी। नियमों के अनुसार OBC क्रीमी लेयर और EWS की आय सीमा समान होनी चाहिए। हालांकि केंद्र सरकार पहले से यह व्यवस्था लागू कर चुकी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे करीब डेढ़ साल बाद लागू किया है। सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं को सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे सामाजिक संतुलन को मजबूती मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा योग्य उम्मीदवारों को (haryana ews income update) आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

Haryana News : 8.30 लाख नए परिवार होंगे कैटेगरी में शामिल
दरअसल इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, संशोधित आय सीमा राज्य में सिविल पदों और सेवाओं में सीधी भर्ती के साथ-साथ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पर लागू होगी। आय सीमा बढ़ने से EWS श्रेणी के तहत आने वाले परिवारों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। पहले जहां करीब 24 लाख परिवार EWS दायरे में आते थे, अब यह संख्या बढ़कर लगभग 32.30 लाख हो जाएगी। यानी करीब 8.30 लाख नए परिवार इस श्रेणी में शामिल हो जाएंगे।
Haryana News : ग्रुप A से D तक 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ
परिवार पहचान प्राधिकरण (PPP) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि EWS श्रेणी के तहत ग्रुप-A, B, C और D की सभी सीधी भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसके अलावा सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में दाखिले के दौरान भी यह आरक्षण लागू रहेगा। बता दें कि इससे पहले 25 फरवरी 2019 को जारी आदेशों के तहत EWS श्रेणी के लिए वार्षिक आय सीमा 6 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। लंबे समय से इस सीमा (Haryana News) को बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।

