Haryana nikay chunav: हरियाणा में निकाय चुनाव करवाने की तैयारी तेज हो चुकी है जिसके चलते राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचकूला, अम्बाला और सोनीपत के साथ ही अन्य कई शहरों में होने वाला निकाय चुनाव की के लिए मतदान सूचि तैयार करने का कार्य जारी कर दिया गया है। 27 मार्च को अंतिम मतदान सूचि प्रकाशित की जाएगी। जिसके चलते चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। Haryana nikay chunav
हरियाणा में साथै निकायों कके कार्य को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। जिसके चलते मतदाता सूची से जुड़ा शेडूल भी जारी कर दिया गया है। इसी के चलते फरवरी और मार्च में ही दावें और आपत्तियां की परकीया पूरी की जाएगी।
क्या है पूरा मामला Haryana nikay chunav

हरियाणा में अप्रैल के महीने में स्थानीय निकाय चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 17 से 27 फरवरी के बीच विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं को संबंधित नगर निगम वार्डों में समायोजित किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही तय समय पर की जाएगी।
मतदाता सूची तैयार करने का पूरा शेड्यूल
मतदाता सूची तैयार करने के लिए कई चरण तय किए गए हैं। इसके लिए 28 फरवरी: प्रारूप मतदाता सूची का वार्ड स्तर पर प्रकाशन किया जाएगा और 7 मार्च: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख रखी गई है।
इसके उपरांत 12 मार्च को अधिकारीयों द्वारा आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। 16 मार्च: फैसलों के खिलाफ अपील की अंतिम तारीख है जिसके बाद फिर से 19 मार्च: अपीलों का निपटान किया जाएगा 27 मार्च: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन की जाएगी। इस प्रक्रिया के बाद ही चुनाव की औपचारिक घोषणा का रास्ता साफ होगा।
इन शहरों में होंगे चुनाव
इस बार कई महत्वपूर्ण शहरी निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें शामिल हैं नगर निगम चुनाव अंबाला, पंचकूला, सोनीपत और नगर परिषद और पालिका चुनाव रेवाड़ी नगर परिषद, सांपला, उकलाना, धारूहेड़ा, वार्ड स्तर पर उपचुनाव , टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा, करनाल इन क्षेत्रों में एक एक वार्ड पार्षद के लिए उपचुनाव भी कराए जाएंगे।
चुनाव आयोग की तैयारी
भारत निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची पहले ही राज्य चुनाव आयोग को मिल चुकी है। इसके बाद एक उच्च स्तरीय बैठक में सूची को संबंधित जिलों तक पहुंचाने का फैसला लिया गया। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस बार डिजिटल रिकॉर्ड और स्थानीय सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक हो सके।

