Haryana weather : फसली सीजन के बीच मौसम के बदले तेवरों ने किसानों की परेशानी बढ़ाई हुई है। मंगलवार दोपहर को बूंदाबांदी हुई। इस दौरान उचाना क्षेत्र के करसिंधू व अलीपुरा गांव में व आसपास के क्षेत्र में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। दोपहर बाद धूप निकल आई थी। लेकिन शाम को दोबारा बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। मंडियाें में सरसों लेकर पहुंचे किसानों की परेशानी बढ़ गई। शेड से बाहर खुले में पड़ी सरसों को ढकना पड़ा। वहीं बुधवार से गेहूं की भी सरकारी खरीद शुरू हो रही है।
कैसा रहेगा मौसम ? (Haryana weather)
इस बार अप्रैल के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक तापमान की वजह से गेहूं की फसल जल्दी पकेगी। अगेती फसल पक भी चुकी है। लेकिन मौसम के बार- बार खलल डालने की कटाई को लेकर भी किसान असमंजस में हैं। करीब दो सप्ताह पहले हल्की वर्षा के साथ तेज हवा चलने से काफी स्थानों पर गेहूं की फसल गिर भी गई थी। ऐसे में फसल उत्पादन भी घट सकता है, वहीं गिरी हुई फसल को काटने में भी दिक्कत होगी। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम परिवर्तनशील रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। अगले सप्ताह भी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वर्षा हो सकती है। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ेगी। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री रहा।
खरीद केद्रों पर तैयारी नहीं (Haryana weather)
जिले में सात मंडियों सहित 39 जगह गेहूं की एजेंसियों सरकारी खरीद करेंगी। गांवों में जो खरीद केंद्र बनाए गए हैं, ज्यादातर में चारदीवारी नहीं है। केवल गेहूं खरीद के समय ही वहां की प्रशासन साफ- सफाई करवा कर बिजली, पानी की व्यवस्था करवाता है। इस बार प्रदेश सरकार ने किसानों की बायोमेट्रिक लगाने का प्रविधान किया है। उसके लिए कंप्यूटर या लैपटाप की जरूरत पड़ेगी।

खरीद केंद्रों पर मार्केट कमेटी कार्यालय या भवन नहीं हैं और ना ही कंप्यूटर की व्यवस्था है। फसली सीजन में आगजनी की घटनाओं की आशंका के चलते गांवों में दिन के समय बिजली सप्लाई भी बंद रहती है। ऐसे में संबंधित मार्केट कमेटी को खरीद केंद्रों पर किसानों की बायोमैट्रिक लगवाने, सीसीटीवी से निगरानी रखने के लिए लैपटाप की व्यवस्था करनी पड़ेेगी।
नगूरां, शामलो कलां सहित ऐसे कई खरीद केंद्र हैं, जहां आसपास के कई गांवों के किसान गेहूं बेचने के लिए आते हैं। गेहूं की खरीद शुरू होने में दो दिन ही बाकी हैं। लेकिन ज्यादातर खरीद केंद्रों की साफ- सफाई भी नहीं हुई है। बिजली कनेक्शन, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं भी नहीं की गई हैं। शामलो कलां खरीद केंद्र पर उगी झाड़ियां व घास साफ नहीं की गई है। यहां महिलाओं ने उपले रखे हुए थे, जोकि प्रशासन ने उठवा दिए हैं।
कच्चे आढ़तियों के लाइसेंस छह माह के लिए रिन्यू (Haryana weather)
प्रदेश सरकार ने कच्चा आढ़तियों को बड़ी राहत देते हुए उनके लाइसेंस काे छह माह के लिए रिन्यू किया जाएगा। जिससे वे इस सीजन में खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद कर सकेंगे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने कच्चे आढ़तियों के लाइसेंस को रिन्यू करने से मना कर दिया था। खरीद केंद्रों पर ज्यादातर कच्चे आढ़ती ही बैठते हैं। जिनके माध्यम से एजेंसियां गेहूं खरीदती हैं। कच्चे आढ़तियों ने सरकार से उनके लाइसेंस रिन्यू करने की मांग की थी। जिसको लेकर 27 मार्च को हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड का कार्यालय पंचकूला से पत्र जारी हो गया है। जिसमें कहा गया है कि खरीद केंद्र पर मौजूद कच्चे आढ़ती के लाइसेंस को केवल अगले छह माह के लिए रिन्यू किया जाए।

सीजन में उठान को लेकर समस्या (Haryana weather)
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी ढुल पोंकरी खेड़ी ने बताया कि, देशभर में अलग-अगल जगह वर्षा हो रही है। एक ओर जहां खेतों में फसल तैयार है, वहीं दूसरी ओर मंडियों में भी किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। किसानों के लिए अभी तक बारदाना नहीं आया है। एक अप्रैल से मंडियों में गेहूं की फसल की खरीद शुरू हो रही है। अभी तक आढ़तियों के पास भी पर्याप्त संख्या में तिरपाल भी नहीं है। सीजन में उठान को लेकर समस्या रहती है। उठान गेहूं खरीद के साथ ही होना चाहिए।
लैपटाप की व्यवस्था की है : सचिव (Haryana weather)
जींद मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार ने बताया कि उनके अधीन राजपुरा भैण और मनोहरपुर खरीद केंद्र आते हैं। जहां किसानों की बायोमेट्रिक लगवाने के लिए लैपटाप की व्यवस्था कर ली गई है। जल्द ही खरीद केंद्रों की साफ- सफाई करवा कर पेयजल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएंगी। वर्षा के मौसम को देखते हुए आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं।

