Haryana wrestler fitness: हरियाणा के सोनीपत जिले का एक 51 वर्षीया व्यक्ति अपनी फिटनेस के चलते काफी चर्चा बटोर रहा है। व्यक्ति का नाम संजय है और गांव जठेड़ी का है। लोग ज्यादातर पहलवान ताऊ के नाम से जानते है। ताऊ रोजाना करीब 25 किलोमीटर तक की दौड़ लगता है। और कई पुरातन तरीकों से व्यायाम भी करता है। जिसके चलते कई युवा खिलाडी भी उससे प्रेरणा लेते है। वह अपनी सेहत का राज सदा भोजन और देशी कसरत को बतातें है। उनके अनुसार अच्छी जीवन शैली को अपनाकर हम किसी भी आयु में फिट रह सकतें है।
देशी अंदाज में फिटनेस, युवाओं के लिए प्रेरणा Haryana wrestler fitness

जैसे की पहले भी बताया गया है कि हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गांव के रहने वाले संजय उर्फ काला पहलवान ने फिटनेस को अपनी जीवनशैली बना लिया है। धोती और कुर्ता पहनकर स्टेडियम में दौड़ते हुए उनका अंदाज लोगों का ध्यान खींचता है। Haryana wrestler fitness
वह हर दिन करीब 20 से 25 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं और करीब 800 से अधिक पारंपरिक व्यायाम करते हैं इसके अलावा घरेलू और देसी उपकरणों से शक्ति प्रशिक्षण करते हैं उनकी फिटनेस से यह बात साबित होती है कि फिट रहने के लिए आधुनिक जीम जाना ही जरुरी नहीं है। देसी खानपान और व्यायाम से भी फिट रहा जा सकता है।
बचपन का सपना अधूरा रहा, अब पूरा कर रहे हैं
संजय बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही पहलवानी का शौक था। उन्होंने एक स्थानीय अखाड़े में प्रशिक्षण भी लिया, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण अभ्यास जारी नहीं रख पाए। फिटनेस ट्रेनर और खेल विशेषज्ञ अरविंद मलिक कहते हैं कि ग्रामीण भारत में कई प्रतिभाएं संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाती हैं, लेकिन संजय जैसे लोग दिखाते हैं कि जुनून और अनुशासन से किसी भी उम्र में शुरुआत की जा सकती है। Haryana wrestler fitness
पारंपरिक कसरत और घरेलू साधनों का उपयोग
संजय आधुनिक जिम उपकरणों के बजाय पारंपरिक साधनों का उपयोग करते हैं। वे रोजमर्रा की वस्तुओं से ही व्यायाम करते हैं, जैसे गैस सिलेंडर उठाना और पत्थर की ओखली और मूसल से अभ्यास करना। इसके अलावा पानी से भरे वजनदार बर्तन उठाना इससे शरीर की प्राकृतिक ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है।
फिटनेस के साथ संतुलित देशी आहार
फिटनेस के साथ साथ संतुलित देशी भोजन भी अहम भूमिका निभाता है जिसके चलते वह हर रोज प्राकृतिक और सरल आहार लेते हैं, जैसे मौसमी का ताजा जूस और भिगोए हुए बादाम के अलावा मुनक्का और अन्य सूखे मेवे पोषण विशेषज्ञ डॉ. रीना चौधरी के मुताबिक प्राकृतिक आहार और नियमित व्यायाम का संयोजन शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है और उम्र से जुड़ी समस्याओं का जोखिम कम करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल होकर बने पहचान
स्टेडियम में अभ्यास करते समय कुछ युवाओं ने उनके वीडियो रिकॉर्ड किए और सोशल मीडिया पर साझा किए। इसके बाद उनकी फिटनेस की चर्चा तेजी से फैल गई। आज कई लोग उन्हें प्रेरणा का स्रोत मानते हैं। युवा खिलाड़ी उनके साथ दौड़ते हैं और उनके अनुशासन से सीखते हैं।

