Holi Haryana Weather: हरियाणा में मौसम में लगातर उतराव चढ़ाव देखने को मिल रहे है ऐसे 3 मार्च को नारनौल में अधिकतम तापमान 33 डिग्री से भी ज्यादा का दर्ज किया गया है। जो समान्य से काफी अधिक है। चंडीगढ़ में भी पारा 29.4 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में मौसम में करीब 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसी के चलते हरियाणा के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
हरियाणा में किस जिलों में कितना रहा तापमान आइये जाने Holi Haryana Weather

3 मार्च को दर्ज प्रमुख तापमान इस प्रकार रहे नारनौल 33.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है जबकि नूंह 32.6 डिग्री और भिवानी 32.5 डिग्री, महेंद्रगढ़ 32.1 डिग्री और हिसार 31.4 डिग्री जबकि गुरुग्राम 31.0 डिग्री तापमान रहा है वही चंडीगढ़ 29.4 डिग्री और अंबाला 30 डिग्री, रोहतक 29.6 डिग्री राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 4.2 डिग्री अधिक रहा। Holi Haryana Weather
क्यों बढ़ रही है मार्च में गर्मी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की कमी और साफ आसमान के कारण दिन में तेज धूप पड़ रही है। चंडीगढ़ स्थित मौसम केंद्र के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार जब बादल नहीं होते और हवाएं शुष्क रहती हैं तो जमीन जल्दी गर्म होती है। इसका सीधा असर अधिकतम तापमान पर पड़ता है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बीते कुछ वर्षों में फरवरी और मार्च में तापमान में असामान्य उतार चढ़ाव देखने को मिला है। जलवायु परिवर्तन को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। Holi Haryana Weather
रातें भी हो रहीं गर्म
सिर्फ दिन ही नहीं, रात का तापमान भी 15 से 16 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मार्च के पहले सप्ताह में आमतौर पर सुबह और शाम हल्की ठंड रहती है, लेकिन इस बार पंखे चलने लगे हैं। इससे साफ है कि ठंड का दौर जल्दी समाप्त हो गया है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक वृद्धि गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों की पैदावार पर असर डाल सकती है, यदि गर्मी लंबे समय तक बनी रही। आगे क्या कहता है पूर्वानुमान मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च के पहले सप्ताह में तापमान में 2 से 5 डिग्री तक और वृद्धि संभव है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहने से धूप तेज बनी रहेगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव
मार्च में ही मई और जून जैसी स्थिति बनने से ऊर्जा खपत बढ़ सकती है। एयर कंडीशनर और कूलर का उपयोग जल्दी शुरू होने से बिजली मांग पर दबाव पड़ सकता है।

