Hydrogen Train update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलने जा रही है। इसका ट्रायल शुरू होना है लेकिन कड़ाके की ठंड इसमें बाधा बनती नजर आ रही है। दरअसल हाइड्रोजन प्लांट में ट्रेन को चलाने के लिए जो हाइड्रोजन गैस बनाई जा रही है, उसमें नमीं बताई जा रही है। इसके चलते ट्रायल में देरी हो रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 26 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ट्रेन को ऑफिशियल रूप से ट्रैक पर चलाने का उद्घाटन करेंगे।
बता दें कि कम तापमान होने के कारण हाइड्रोजन गैस में नमी आ गई, जिससे गैस में ऑक्सीजन की मात्रा आ गई है। सिक्योरिटी के लिहाज से तकनीकी टीम ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अभी हाइड्रोजन गैस को सुखाने के साथ-साथ उसमें मौजूद ऑक्सीजन को पूरी तरह हटाने का काम किया जा रहा है। साथ ही यह भी प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में ठंड के मौसम में इस तरह की नमीं की समस्या दोबारा नहीं आए। इसके लिए स्थायी तकनीकी समाधान तलाशा जा रहा है।
Hydrogen Train update : 11 दिन से चल रहा प्लांट में स्टेशनरी ट्रायल
हाइड्रोजन ट्रेन को जींद से सोनीपत (Hydrogen Train Jind sonipat) के बीच चलाने को लेकर रेलवे अधिकारियों द्वारा लगातार प्रक्रिया जारी है। हाइड्रोजन प्लांट पर 11 दिन से ट्रेन का स्टेशनरी ट्रायल किया जा रहा है। ट्रेन की बारीकी से जांच की जा रही है। नमीं सूखने के बाद ट्रेन में हाइड्रोजन गैस भरी जाएगी और इसके बाद अंतिम ट्रायल का फैसला लिया जाएगा। स्टेशनरी ट्रायल के बाद फिटनेस की जांच होगी और उसके बाद ही ट्रेन ट्रैक पर उतरेगी।
Hydrogen Train fare list : जींद से सोनीपत तक 25 रुपए किराया
हाइड्रोजन ट्रेन में जींद रेलवे जंक्शन से शुरू होकर जींद सिटी जंक्शन तक का किराया 5 रुपए, पिंडारा रेलवे जंक्शन के पांच रुपए, भंभेवा के 10 रुपए, गोहाना के 15 रुपए, मोहाना के 20 रुपए और सोनीपत तक 25 रुपए किराया (Hydrogen Train fare list) निर्धारित किया गया है। हाइड्रोजन गैस से चलने वाली इस ट्रेन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आम यात्रियों को भी किफायती, तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
Hydrogen Train update :देश में सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट (India First Hydrogen Train)
- देश में सबसे बड़े हाइड्रोजन प्लांट को जींद में स्थापित किया गया है। इस प्लांट की 3000 किग्रा की भंडारण क्षमता है।
- प्लांट का संचालन 24 घंटे होगा, इसलिए निर्बाध बिजली की आपूर्ति जरुरत रूप से रहेगी।
- डीएचबीवीएन के अधिकारियों ने मुख्य सचिव को आश्वासन दिया कि हाइड्रोजन प्लांट पर स्थिर रूप से विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
- भविष्य में जरुरतों के अनुसार अतिरिक्त निगरानी और त्वरित रखरखाव की भी व्यवस्था की जाएगी।
- मीटिंग में बताया कि उत्तर रेलवे ने भी प्लांट को हो रही विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता पर भरोसा जताया है।

