Jind bal vivah : जींद में बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की सतर्कता से लोन गांव में एक बालिका को वधु बनने से बचाया गया। टीम ने बाल विवाह की सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए नाबालिग की शादी को रुकवाया और साथ ही स्वजनों को विवाह नहीं करने के लिए चेताया। इसके अलावा बाल विवाह अधिनियम की जानकारी भी दी, जिस पर स्वजनों ने आश्वासन दिया कि अब वह बालिग होने पर ही अपनी बेटी का विवाह करेंगे, उन्हें इस कानून की जानकारी नहीं थी।

क्या है पूरा मामला ? (Jind bal vivah)
बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता को सूचना मिली थी कि गांव लोन में एक नाबालिग लडक़ी की शादी करवाई जा रही है और बारात जिले के ही गांव सुदकैन खुर्द से आने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए रवि लोहान, महिला सिपाही आरती, मोनिका, नीलम, प्रवीन धमतान साहिब पुलिस चौकी के साथ मौके पर पहुंचे। टीम द्वारा लड़की के परिवार वालों से लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो स्वजनों ने पहले तो टाल मटोल करने की कोशिश की और शादी नहीं होने की बात कही, लेकिन जब उनसे अलग-अलग बातचीत की गई तो लगभग तीन घंटे के बाद जो सबूत दिखाए गए, उनमें लड़की की उम्र मात्र साढ़े 15 वर्ष पाई गई।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग ने क्या कार्रवाई की ? (Jind bal vivah)
इस पर उसके स्वजनों ने बताया कि लड़की के माता-पिता अनपढ़ हैं और उन्हें किसी कानून की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए वह गलती से ऐसा कर रहे थे। स्वजनों को समझाया गया कि आपकी लडक़ी नाबालिग है, इसलिए आप उसके बालिग होने तक इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन नहीं आए। अगर आप नाबालिग की शादी करते हैं तो आप सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर परिवार सहमत हो गया तथा शादी को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद स्वजनाें ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित बयान दिए कि वह कानून की पालना करेंगे तथा लड़की के बालिग होने पर ही उसकी शादी करेंगें।

