Jind GAS Agency : जींद जिले में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने पर प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई होगी। गैस सिलिंडर की जमाखोरी कर कार्रवाई को लेकर विशेष टीम का गठन किया गया है। जिलेभर में 24 गैस एजेंसियां संचालित हैं। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि इन गैस एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 5881 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस समय गैस कंपनियों के पास लगभग 9947 सिलेंडरों का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। घरेलू गैस की जिले में कोई कमी नहीं है। एलपीजी गैस की कालाबाजारी व जमाखोरी पर रोक के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। जिले में 178 पेट्रोल पंप हैं, जबकि लगभग 22 सीएनजी पंप भी कार्यरत हैं।
डीसी ने शहर के नागरिकों से की अपील (Jind GAS Agency)
एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी व अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। जिसके मद्देनजर जिले में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 01681-245375 निर्धारित किया गया है। डीसी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल आवश्यकता के अनुरूप ही पेट्रोल, डीजल व एलपीजी गैस लें व किसी भी प्रकार की जमाखोरी से बचें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक स्टाक करना उचित नहीं है। इसलिए सभी नागरिक जिम्मेदारी का परिचय दें और जिला प्रशासन का सहयोग करें।

गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए (Jind GAS Agency)
डीसी ने कहा कि घरेलू एलपीजी गैस का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए। यदि कहीं भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मांग के अनुसार पर्याप्त स्टाक बनाए रखें, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि जिले में पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों पर उपलब्धता की नियमित निगरानी की जा रही है। राशन डिपो व लेबर कैंटीन में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन व श्रमिक वर्ग को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें अधिक प्रयोग (Jind GAS Agency)
डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन जैसे बस व रेल सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग मिलेगा। जिला प्रशासन द्वारा एलपीजी से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। ये अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में गैस एजेंसियों व निरीक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिकायतों का समाधान करेंगे व नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

