Jind Medical College : गांव हैबतपुर में बने संत शिरोमणि धन्ना भगत राजकीय मेडिकल कालेज में 214 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इनके मुकाबले यहां केवल चार ही चिकित्सक काम कर रहे हैं। मेडिकल कालेज में ओपीडी नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के सहारे चल रही है। अब अनुबंध आधार पर चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। जल्द ही मेडिकल कालेज को चिकित्सक मिल जाएंगे, उसके बाद यहां ओपीडी की संख्या भी बढ़ेगी। फिलहाल मेडिकल कालेज में किसी प्रकार की जांच की भी सुविधा नहीं है। मरीजों को जांच के लिए नागरिक अस्पताल में ही आना पड़ता है।
मेडिकल कालेज को एमबीबीएस की सीट मिलें, इसके लिए ओपीडी शुरू की गई है। मेडिकल कालेज में वैसे कागजी ओपीडी चल रही है। यहां पर नागरिक अस्पताल से चिकित्सक जाकर अलग-अलग दिनों में ओपीडी करते हैं। मेडिकल कालेज के तो अपने केवल चार ही चिकित्सक हैं। ऐसे में केवल हैबतपुर या इसके आसपास के गांवों के मरीज ही यहां पर ओपीडी में जाते हैं। इसके अलावा ऐसे मरीज भी यहां ओपीडी के लिए जाते हैं, जो चिकित्सक उनको नागरिक अस्पताल की बजाय मेडिकल कालेज में मिलते हैं। इस कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

भर्ती प्रक्रिया हुई शुरू, जल्द चिकित्सक मिलने की उम्मीद (Jind Medical College)
सरकार की तरफ से मेडिकल कालेजों में चिकित्सकों की अनुबंध आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेडिकल कालेज में 210 चिकित्सकों के पद खाली हैं। इतनी संख्या में चिकित्सक अनुबंध आधार पर मिलना काफी मुश्किल है। यदि मेडिकल कालेज को इस भर्ती प्रक्रिया से 30 चिकित्सक भी मिल जाते हैं तो भी काफी आसानी हो जाएगी। मरीजों को यहां ओपीडी में इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। फिलहाल केवल इसलिए यहां ओपीडी चलाई गई है ताकि एमबीबीएस सीट मिलने की कागजी कार्रवाई पूरी हो सके।
जांच की भी नहीं कोई सुविधा (Jind Medical College)
मेडिकल कालेज में किसी भी प्रकार की जांच की कोई सुविधा नहीं है। यहां कुछ मशीनें तो आ गई हैं, लेकिन उनको चलाने वाला कोई नहीं हैं। अभी तक यहां पर एक्सरे-कक्ष भी शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए रेडिएशन रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। उसके बाद ही यहां पर एक्सरे मशीन स्थापित की जाएगी। वहीं रक्त जांच की बात करें तो यहां रक्त जांच के लिए जरूरी उपकरण तो पहुंच गए हैं, लेकिन यहां के पानी में टीडीएस अधिक होने के कारण जांच नहीं हो पा रही। इसका भी उपाय किया जा जा रहा है। इसलिए सभी प्रकार की जांच नागरिक अस्पताल में ही होती हैं।
सरकार ने मेडिकल कालेजों के लिए चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया अनुबंध आधार पर शुरू कर दी है। जल्द ही मेडिकल कालेज को चिकित्सक मिल जाएंगी। फिलहाल उनके अपने चार चिकित्सक हैं, बाकी नागरिक अस्पताल से अलग-अलग दिन आते हैं और यहां ओपीडी करते हैं। जांच संबंधी सभी प्रकार की सुविधाएं जल्द शुरू हो जाएंगी। पानी में टीडीएस अधिक होने के कारण कुछ परेशानी है, इसका भी उपाय किया जा रहा है। मेडिकल कालेज के शुरुआती चरण में कुछ परेशानियां तो होती हैं। जल्द ही यहां सभी प्रकार की सुविधाएं मिलने लगेंगी, उसके बाद यह मेडिकल कालेज जींद ही नहीं आसपास के जिलों के लिए भी एक बड़ी सौगात होगा।

