Jind raid : खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले में कई स्थानों पर रेड मारी। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. योगेश कादियान के नेतृत्व में टीम को उचाना में एक गोदाम में 300 किलोग्राम खराब पनीर मिले, टीम ने इसे नष्ट कर दिया और गोदाम मालिक को नोटिस जारी किया। इसके अलावा विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुट्टू का आटा, टमाटो सास, वेज मोमोज व चाउमीन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए।
कुट्टू के आटे के सैंपल लिए (Jind raid)
जींद में गोहाना रोड पर एक दुकान पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुट्टू के आटे के सैंपल लिए। टीम को सूचना मिली थी कि नवरात्र के मौके पर कई दुकानों पर जो कुट्टू का आटा है, वह खाने योग्य नहीं है। इसी के चलते टीम ने यहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। रेलवे रोड पर एक दुकान से टीम ने टमाटो सास के सैंपल लिए। इसके अलावा भिवानी रोड पर भी टीम ने दबिश दी। यहां एक दुकान से वेज मोमोज व चाऊमीन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।

उचाना में बनाया जा रहा था भारी मात्रा में पनीर (Jind raid)
उचाना में एक गोदाम में जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची तो यहां भारी मात्रा में पनीर तैयार किया जा रहा था। विभाग की टीम ने जब पनीर की जांच की तो यह काफी खराब मिला। इसके अलावा इसके बनाने में सभी मानक भी पूरे नहीं थे। जब गोदाम मालिक से इस संबंध में लाइसेंस मांगा तो वह इसे प्रस्तुत नहीं कर पाया। विभाग की टीम ने यहां से 300 किलोग्राम पनीर को खराब हालत में मिलने पर नष्ट करवा दिया। इसके साथ-साथ गोदाम मालिक को नोटिस जारी किया। इस पनीर का सैंपल लेकर भी जांच के लिए भेजा गया है। विभाग ने मालिक को साफ कहा कि यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गोदाम में सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं थी। गोदाम मालिक को इस बारे में भी कड़ी फटकार लगाई गई।
300 किलोग्राम पनीर नष्ट करवाया गया (Jind raid)
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. योगेश कादियान के अनुसार, नवरात्र के चलते लोगों को शुद्ध और साफ खाद्य पदार्थ मिलें, इसके लिए कई स्थानों से सैंपल लिए गए हैं। नवरात्र में कुट्टू के आटे का ज्यादा प्रयोग होता है, इसलिए एक कुट्टू के आटे का सैंपल लिया गया है। टमाटो सास, चाऊमीन, वेज माेमोज के भी एक-एक सैंपल लिए गए हैं। पनीर में खराबी पाए जाने पर उचाना में 300 किलोग्राम पनीर नष्ट करवाया गया है। इसके अलावा इसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। सैंपल यदि फेल आते हैं तो दुकान मालिकों के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जाएगी।

