Khatu Shyam Mandir Timings: खाटूश्याम जाने से पहले आप भी देख ले नई टीमिग की कब कब बाबा श्याम के दर्शनों के लिए दरबार खोले जाएगें। श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया गया है। अगर आप भी अगले सप्ताह तक खाटूश्याम जाने की योजना बना रहे है तो आप भी ये महत्वपूर्ण तरीकें अवश्य चेक कर ले। Khatu Shyam Mandir Timings
श्री श्याम मंदिर कमेटी ने आधिकारिक सूचना के जरिये बताया है की मंदिर के कपाट अगले 19 घटों तक लगातार बंद रहेगें। जिसके चलते किसी भी श्रद्धालु को मंदिर परिसर में प्रवेश या दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विशेष तिलक और सेवा-पूजा के कारण लिया गया फैसला Khatu Shyam Mandir Timings

यह फैसला विशेष खाटूधाम में बाबा श्याम की सेवा-पूजा की परंपरा अत्यंत प्राचीन और विशिष्ट है। मंदिर की कमिटी के अनुसार आने वाली 27 मार्च को प्रभु की सेवा के लिए और पूजा तिलक के लिए यह कार्यक्रम रखा गया है। जिसके चलते एकांत का समय होना बहुत जरुरी है। इसी कार्यक्रम के चलते 26 मार्च को रात के करीब 10 बजे ही बाबा के पट मंगल कर दिए जाएंगे। जिसके चलते आगे दिन 27 मार्च तक पूरा दिन कपाट बंद रहेगें। जो शाम 5 बजे ही भगतों के लिए खोले जाएगें।
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
फाल्गुन मेले के बाद भी खाटूधाम में भक्तों का तांता कम नहीं हो रहा है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से हर रोज हजारों श्याम दीवाने निसान लेकर खाटू नगरी पहुंच रहे हैं। ऐसे में 19 घंटे तक दर्शन बंद रहने से कस्बे में भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। Khatu Shyam Mandir Timings
मंदिर कमेटी ने अपील की है कि श्रद्धालु इस अवधि के दौरान खाटू न पहुंचें, ताकि उन्हें लंबी कतारों या प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े। स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि कपाट खुलते ही दर्शन सुचारू रूप से शुरू हो सकें।
यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट का रखें ध्यान Khatu Shyam Mandir Timings
खाटूधाम की यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों के बजाय मंदिर कमेटी की आधिकारिक वेबसाइट या सूचनाओं पर ही भरोसा करें। 27 मार्च की शाम 5 बजे के बाद जैसे ही बाबा का भव्य श्रृंगार पूरा होगा, भक्त फिर से अलौकिक दर्शनों का लाभ उठा सकेंगे। कमेटी ने साफ किया है कि यह व्यवस्था केवल विशेष पूजा के लिए है, ताकि मंदिर की परंपराओं का निर्वहन पूरी मर्यादा के साथ किया जा सके।

