Maoom Sharma controversy ex sarpanch : हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब मासूम शर्मा के जीजा गांव मुआना निवासी धर्मबीर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा से मिले। इसके बाद राजेंद्र शर्मा ने कहा कि हमारा समझौता हो गया है, लेकिन अभी तक पूरी बात नहीं हुई है। 25-26 फरवरी को मासूम शर्मा उनके पास आएंगे, उसके बाद ही समझौता होगा।
राजेंद्र शर्मा ने कहा कि वह अकेले समझौता नहीं करेंगे। सबके बीच में समझौता होगा। जिस प्रकार विवाद वाले दिन हम आमने-सामने थे, उसी प्रकार 25-26 फरवरी को मासूम शर्मा आएंगे और हम आपस में मिलकर समझौता करेंगे। 18 फरवरी को जींद में देशी पत्रकार धरमू की शादी की सालगिराह पर आयोजित कार्यक्रम में मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच के बीच विवाद हो गया था।
मासूम शर्मा ने पूर्व सरपंच को स्टेज से नीचे उतरने के लिए कहा। इसके बाद बात बढ़ी तो मासूम ने यहां तक कह दिया कि वह अपने लाइव के बीच में किसी को कुछ नहीं समझते, चाहे वह सरपंच हो, एमएलए हो या फिर मंत्री हो। 70 सरपंच हांडे हैं, वह किसी को कुछ नहीं समझते।

Maoom Sharma controversy : मुकेश जाजी ने मांगी माूसम की तरफ से माफी
वहीं दूसरी तरफ गायक मासूम शर्मा के करीबी दोस्त और हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि इसमें मासूम भाई की गलती है। वह मासूम की तरफ से माफी मांगते हैं। मुकेश ने कहा कि पूर्व सरपंच को स्टेज के नीचे खड़े कुछ लोगों ने भड़का दिया, जिस कारण यह सारा मामला हुआ। इसके बाद मासूम भाई ने जो शब्द कहे, वह गलत थे। पूर्व सरपंच से मैं माफी मांगता हूं और मासूम भाई की तरफ से भी माफी मांगता हूं। मासूम भाई को ऐसी टोन में बात नहीं करनी चाहिए थी।
सभी सरपंचों से माफी मांगे मासूम शर्मा, नहीं तो किसी भी गांव में नहीं करने देंगे कार्यक्रम : विनोद कुमार
इसी बीच पत्रकारों से बातचीत में अलेवा गांव के सरपंच विनोद कुमार ने कहा कि जब तक मासूम शर्मा सभी सरपंचों से माफी नहीं मांगते, गांवों में उनके कार्यक्रम नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मासूम शर्मा केवल फेम का भूखा है, इसके लिए कुछ भी करेगा। इस अभद्रता का सभी जिला पार्षद, सरपंच सभी करेंगे विरोध। सरपंच जिला परिषद के वार्ड नंबर 13 के पार्षद करण सिंह के मकान पर हांसी ब्रांच नहर के पास पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सरपंच विनोद कुमार ने कहा कि वह भी एक कलाकार हैं। कलाकार का ऐसा रवैया नहीं होता। वह कलाकार ही नहीं है। उसको पता ही नहीं कि वह क्या बोल रहा है। मासूम शर्मा ने पूर्व सरपंच के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। जब तक वह गांव मुआना में आकर सभी सरपंचों से माफी नहीं मांगता, तो उसके कार्यक्रम नहीं होने देंगे। जिला पार्षद करण सिंह ने कहा कि मासूम शर्मा ने 2016 में जिला परिषद का चुनाव लड़ा था और इसको 700 के करीब वोट मिले थे।

इसको पता ही नहीं कि चुनाव कैसे लड़ा जाता है। इसमें भाईचारा बहुत जरूर होता है, तभी चुनाव जीता जाता है, लेकिन इसको ऐसा कुछ पता नहीं है। सरकार ने जो उसे गनमैन दिया है, उसका लोगों को डराने के लिए किया जा रहा है। सरकार को तुरंत इसका गनमैन वापस लेना चाहिए। कलाकार को गनमैन की कोई जरूरत नहीं होती। कैथल के वार्ड नंबर चार से जिला परिषद सदस्य गांव बालू निवासी दीपक ने कहा कि यह कलाकार नहीं कलंकार है। मासूम शर्मा जैसे 350 कलाकारों को नचा सकते हैं।
Maoom Sharma controversy : रूपगढ़ के सरपंच ने कहा, सभी चुने हुए प्रतिनिधियों की बेइज्जती
यह हर जगह बदमाशी के गाने दिखता है और कैथल में आकर के बदमाशी दिखाएं तो पता चलेगा। दीपक ने मासूम शर्मा के बारे में काफी ऐसी बातें कहीं, जो लिखने लायक नहीं है। दीपक ने कहा कि मासूम शर्मा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अभय सिंह चौटाला समेत सभी के सामने झुका देखा गया है। इसके हर कार्यक्रम में झगड़ा होता है।
गांव रूपगढ़ के सरपंच दीपक ने कहा कि मासूम शर्मा ने जो कहा, वह एक आदमी की नहीं बल्कि पूरे चुने हुए प्रतिनिधियों की बेइज्जती है। वह सार्वजनिक माफी मांग ले, हम उसको माफ कर देंगे। मासूम शर्मा की बातों से लग रहा है कि उसको बहुत घमंड हो गया है, लेकिन घमंड तो रावण का भी नहीं रहा।

