market strike : प्रदेश में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद जिले में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। रविवार को शाम सात बजे तक एक लाख 34 हजार 237 क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है। कुल 1942 गेट पास कटे हैं। रविवार को सबसे ज्यादा 88 हजार क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंचा है और 1287 गेट पास कटे। लेकिन गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। मंडियों में गेहूं खुले में पड़ा है।
हवा में नमी होने के कारण किसानों को होगा नुकशान (market strike)
आगामी दिनों में भी वर्षा के आसार हैं, जिससे किसानों को मंडियों में गेहूं भीगने का डर सता रहा है। शनिवार रात को नरवाना क्षेत्र में 19 एमएम वर्षा हुई। साथ ही ओलावृष्टि भी हुई है। वर्षा का मौसम रहने और नमी भरी हवा चलने से गेहूं में नमी ज्यादा है। एजेंसियां 12 प्रतिशत नमी वाले गेहूं की खरीद करेंगी। खरीद एजेंसियों के अनुसार मंडियों में पहुंचे गेहूं में नमी 18 से 20 प्रतिशत आ रही है। मंडियों में खरीद चालू नहीं होने के कारण बहुत से किसान कंबाइन से फसल कटाई करवा कर गेहूं घर पर ही डाल रहे हैं। खरीद चालू होने पर मंडी में लेकर आएंगे।

आढ़तियों ने हड़ताल करने का लिया फैसला (market strike)
एक तरफ जहां जुलाना अनाज मंडी व नरवाना मंडी के आढ़तियों ने रविवार को हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है। वहीं दूसरी तरफ जींद अनाज मंडी के आढ़तियों ने सोमवार से हड़ताल पर जाने व फसलों की खरीद नहीं करने का फैसला किया है। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डा. रामअवतार, आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन जींद प्रधान सोनू भारद्वाज, पूर्व प्रधान रमेश सांगवान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से रविवार को रेस्ट हाउस में मिले थे। मुख्यमंत्री से फसल खरीद को लेकर बायोमैट्रिक, ट्रैक्टर की नंबर प्लेट, मंडियों में सुबह छह से रात्रि आठ बजे तक गेट पास कटने सहित अन्य नए नियमों को वापस लेने की मांग की थी। हालांकि मुख्यमंत्री नए नियमों को वापस नहीं लेने की बात कह चुके हैं।
कितने बजे तक रहेगा धरना ? (market strike)
दोपहर बाद नई अनाज मंडी में आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन और दी न्यू फूड ग्रीन डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई। जिसमें फैसला लिया कि सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगी। सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक अनाज मंडी के तीनों गेट बंद करके धरना दिया जाएगा। काेई भी आढ़ती किसान की सरसों, गेहूं सहित कोई भी फसल अपनी दुकान पर नहीं उतरवाएगा। फसल उतरवाते हुए पकड़े जाने पर 11 हजार जुर्माना लगेगा। वहीं उचाना, नगूरां व अलेवा मंडी में आढ़तियों ने हड़ताल की हुई है। जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती, किसानों की दिक्कत बढ़ी रहेगी।

