Mau Ambala Special Train: त्योहारों के समय तो रेल में यात्रिओं की संख्यां में वृद्धि होती ही है ऐसे ही त्योहारों के बाद भी यात्री अपने स्थान पर वापिस जाने के लिए स्टेशन पर भीड़ देखने को मिलती है। जिसके देखते हुए भरतीय रेलवे द्वारा होली के बाद स्पेशल साप्ताहिक ट्रैन चलने का फैसला लिया है।
अब अम्बाला से मऊ जंक्शन तक यह स्पेसल ट्रैन चलाई जाएगी। रेलवे के मुताबिक ट्रैन संख्या 05301 और 05302 इस मार्ग पर 5 मार्च से लेकर 27 मार्च तक चलाई जाएगी। जिससे यात्रियों को अच्छी सुविधा मिलेगी।
होली के बाद यात्रियों की भीड़ को देखते हुए फैसला Mau Ambala Special Train

जैसे की पहले भी बताया गया है कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर जाते हैं और त्योहार खत्म होने के बाद वापस काम पर लौटते हैं। हर साल की तरह इस बार भी होली के बाद ट्रेनों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इस के चलते अब फिर ने मऊ जंक्शन से अंबाला कैंट तक विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार होली के बाद कई राज्यों से लोग अपने कार्यस्थलों की ओर लौटते हैं। अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है ताकि यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिल सके। Mau Ambala Special Train
मऊ से अंबाला कैंट तक ट्रेन का संचालन
यह विशेष ट्रेन मऊ जंक्शन से अंबाला कैंट के बीच संचालित की जाएगी और उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा हरियाणा के यात्रियों को जोड़ने का काम करेगी। इस खास सेवा से उन यात्रियों को काफी लाभ होगा जो सिर्फ होली अपने घर मानाने के लिए आए थे।
ट्रेन का पूरा समय और रूट
मऊ जंक्शन से अंबाला कैंट के लिए इस ट्रैन का समय ट्रेन संख्या 05301 का संचालन अवधि 5 मार्च से 26 मार्च के बीच होगी और प्रत्येक गुरुवार को चलेगी जिसके बाद से सुबह 4 बजे मऊ जंक्शन से प्रस्थान करेगी और सोनीपत स्टेशन पर रात 9 बजकर 12 मिनट पर ठहराव रात 12 बजकर 30 मिनट पर अंबाला कैंट पहुंचने का समय है।
अंबाला कैंट से मऊ जंक्शन वापसी के लिए ट्रैन संख्या 05302 चलेगी जो 6 मार्च आज से 27 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार को रवाना होगी और रात 1 बजकर 40 मिनट पर अंबाला कैंट से प्रस्थान करेगी और सोनीपत स्टेशन पर सुबह 3 बजकर 40 मिनट पर पहुंचने का समय इसके बाद शनिवार रात करीब 11 बजे मऊ जंक्शन आगमन होगा। Mau Ambala Special Train
रेलवे मंत्रालय के पिछले आंकड़ों के अनुसार त्योहारों के समय यात्रियों की संख्या में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि देखी जाती है जिसके चलते उत्तर भारत के प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनों की मांग बढ़ जाती है।

