Petrol Diesel Price Today: वैश्विक स्तर पर तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार रिकॉड तोड़ बढ़ोतरी हो रही है जिसके चलते कई देशों में तेल की कीमतों पर भरी असर देखने को मिल रहा है।
इसी के चलते अभी भारतीय उपभोगताओं की मौज है क्योंकि भारत में अभी तक पेट्रोल डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया लेकिन दुनिया के कई देशों में तो पेट्रोल डीजल के दाम करीब डबल हो गए है। भारत में तेल की कीमतें सामान रहने से आम आदमी को काफी राहत मिली है। लेकिन तेल कंपनी के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। इस उछाल ने भारतीय तेल कंपनियों का बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। Petrol Diesel Price Today
कंपनियों को भारी घाटा Petrol Diesel Price Today

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा द्वारा साझा की गई जानकारी चौंकाने वाली है। मौजूदा वैश्विक कीमतों और घरेलू बिक्री दर के बीच का अंतर इतना बढ़ गया है कि तेल कंपनियां घाटे की कगार पर खड़ी हैं जिसके चलते पेट्रोल पर कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल की बिक्री पर लगभग ₹24 का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वही डीजल पर माल ढुलाई और खेती के लिए सबसे जरूरी ईंधन, डीजल पर कंपनियों को प्रति लीटर 104 की भारी नुकसान हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां फिलहाल इस घाटे को अपने मुनाफे से एडजस्ट कर रही हैं, लेकिन लंबे समय तक इस बोझ को ढोना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
भारत में क्यों नहीं बढ़े दाम Petrol Diesel Price Today
युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं, जो अब 100 डॉलर के पार हैं। इसके बावजूद भारत में शांति का मुख्य कारण सरकार की रणनीति है। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर कीमतों को नियंत्रित किया था। इसके अलावा, तेल कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं पर बोझ डालने के बजाय घाटे को खुद वहन करें, ताकि देश में महंगाई दर काबू में रहे।
जहां भारत में कीमतें स्थिर हैं, वहीं दुनिया के अन्य देशों में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। युद्ध के कारण हुई बढ़ोतरी पर एक नजर:
देश पेट्रोल में वृद्धि (%) डीजल में वृद्धि (%)
म्यांमार 100.0% 119.9%
लाओस 117.5% 117.5%
फिलीपींस 71.6% 111.0%
संयुक्त अरब अमीरात 40.8% 86.1%
ऑस्ट्रेलिया 46.5% 64.1%
सप्लाई को लेकर चिंता की बात नहीं
राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद देश में तेल की आपूर्ति पर कोई खतरा नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास अगले 60 दिनों का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है। देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और अन्य उपोत्पादों की किल्लत होने की कोई संभावना नहीं है।

