PM Kisan installment date: देश के किसानो को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाए चलाई गई है उनमे से ही एक PM किसान सम्मान निधि योजना है जिसके अंतर्गत सरकार की और से किसानो के कहते में हर साल करीब 6000 रूपये की राशि 3 किस्तों में डाली जाती है।
DTP के मध्य से यह राशि सीधा किसान के खतों में डाली जाती है। जानकारी के मुताबिक अब 22वीं किस्त किसानो के खाते में मार्च के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकती है। हालाँकि अभी तक केंद्र की और से कोई आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है। जिन किसानो के खतों की kYC नहीं हुई वह जल्द इसे करवा ले।
पीएम किसान योजना क्या है और किसे मिलता है लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सरकार की काफी अहम योजना है इसे 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लागु किया गया था। यह योजना मुख्यता छोटे किसानो को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई थी ताकि किसानो पर फसल पर पैसे लगाने का ज्यादा बोझ न हो। PM Kisan installment date
इस योजना के तहत हर पात्र किसान को सालाना 6000 रुपये मिलते हैं यह राशि 2000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है जिसके चलते पैसा सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली से बैंक खाते में भेजा जाता है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के 11 करोड़ से अधिक किसान परिवार इस योजना से जुड़े हुए हैं।
कब आ सकती है अगली किस्त
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक मार्च के दूसरे सप्ताह में ही अगली क़िस्त का भुगतान हो सकता है। इस समय लाखो किसान इस क़िस्त के आने का इंतज़ार कर रहे है। हालांकि अंतिम तारीख और आधिकारिक घोषणा सरकारी पोर्टल pmkisan.gov.in पर ही जारी की जाएगी।
किन कारणों से रुक सकती है किस्त
सरकार ने कई बार स्पष्ट किया है कि यदि कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं की गईं तो भुगतान रुक सकता है। इसके मुख्य कारण ई केवाईसी पूरा न होना और भूमि सत्यापन लंबित होना या फिर बैंक खाते से आधार लिंक न होना या फिर अपात्र व्यक्ति द्वारा योजना का लाभ लेना ऐसे मामलों में किसानो की क़िस्त रुक सकती है।
ई केवाईसी कैसे करें
सरकार ने किसानों के लिए ई केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी है। इसे पूरा करने के दो आसान तरीके हैं। ऑनलाइन तरीका आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें और ई केवाईसी विकल्प पर क्लिक करें फिर आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा करें। जिसके बाद E-KYC हो जाएगी। PM Kisan installment date
इससे पैसे से किसानों को खेती के शुरुआती खर्च पूरे करने में मदद मिलती है। और उधार लेने की जरूरत कम होती है जिसके चलते ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ता है।

