Rail Ticket Cancel Rules: आप भी रेल की यात्रा करते है तो ऐसे में कई बार कन्फर्म टिकट को किसी भी कारण से आप भी केंसल करवाते होंगे। लेकिन इस बार रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए यात्रियों को बड़ा झटका दिया है जिसके चलते टिकट कैंसिल करवाने का समय निर्धारित कर दिया गया है अगर समय रहते टिकट कैंसिल न करवाई तो आपको रिफंड बिलकुल भी नहीं मिलेगा। 1 अप्रैल 2026 से ये सख्त नियम लागु कर दिए जाएगें जिसके चलते आपकी जेब पर पहले से ज्यादा चपत लग सकती है।
रेल मंत्रालय के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम कसना और वेटिंग की प्रकारिया को रोकना है। अक्सर देखा जाता है कि लोग सीटें ब्लॉक कर लेते हैं और आखिरी वक्त पर टिकट कैंसिल करते हैं, जिससे जरूरतमंद यात्रियों को कन्फर्म सीट नहीं मिल पाती। Rail Ticket Cancel Rules
समय तय करेगा आपकी रिफंड राशि Rail Ticket Cancel Rules

जैसे की पहले भी बताया गया है की समय के अनुसार ही आपकी टिकट कैंसल पर तय राशि आपको मिलेगी अगर समय रहते टिकट कैंसिल न करवाई तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा इसके लिए कुछ नियम तय किये गए है आइये जाने नए नियम …
कैंसिलेशन चार्ज का नया रूल
72 घंटे पहले यदि आप यात्रा से 3 दिन पहले ही मन बना लेते हैं कि सफर नहीं करना है, तो आपको सबसे ज्यादा फायदा होगा। इस स्थिति में केवल न्यूनतम निर्धारित ‘फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज’ ही काटा जाएगा। और आपके करीब पूरी टिकट के पैसे ही वापिस हो जाएगें जबकि अगर 72 से 24 घंटे के बीच यदि आप ट्रेन छूटने के एक दिन पहले टिकट रद्द करते हैं, तो कुल किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा रेलवे के खाते में चला जाएगा। इसके साथ ही न्यूनतम शुल्क भी देय होगा।
24 से 8 घंटे के बीच: सबसे बड़ा बदलाव यहीं हुआ है। अब अगर आप 24 घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल करते हैं, तो सीधे 50 प्रतिशत किराया काट लिया जाएगा। पहले यह नियम 12 से 4 घंटे के दायरे में आता था।
8 घंटे से कम का समय: अब अगर ट्रेन चलने में 8 घंटे से कम का वक्त बचा है, तो टिकट रद्द कराने का कोई फायदा नहीं होगा। रेलवे ऐसे मामलों में शून्य रिफंड देगा। बता दें कि पहले 4 घंटे पहले तक कुछ राशि वापस मिल जाती थी, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
15 अप्रैल तक पूरी तरह बदल जाएगी व्यवस्था
रेलवे ने साफ किया है कि इन नियमों को एक झटके में थोपा नहीं जाएगा। 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। रेल अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती से ‘वेटिंग लिस्ट’ वाले असली मुसाफिरों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
विशेषज्ञों की मानें तो यह नियम उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा जो आपातकालीन स्थितियों में यात्रा टालते हैं, लेकिन सिस्टम की पारदर्शिता और दलालों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए इसे एक जरूरी कदम माना जा रहा है।

