Sapna Chaudhary Lucknow Court: मशहूर हरियाणवी डांसर सपना चौधरी एक बार फिर कानूनी हलचल के कारण सुर्खियों में हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक अदालत ने शनिवार को सपना चौधरी को उस समय अपनी कस्टडी में लेने का आदेश दे दिया, जब वह लंबे समय से जारी वारंट के बाद कोर्ट में पेश हुईं। हालांकि, कुछ घंटों की कानूनी कार्यवाही और मुचलका भरने के बाद उन्हें राहत मिल गई, लेकिन कोर्ट ने उनके ढुलमुल रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए जुर्माना भी ठोंका है।
एसीजेएम कोर्ट ने सपना चौधरी के खिलाफ जारी जमानती वारंट को निरस्त तो कर दिया, लेकिन उन पर 1400 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया। यह पूरी कवायद उस पुराने मामले से जुड़ी है जिसमें सपना पर दर्शकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है।
कोर्ट में क्यों पैदा हुई हिरासत की नौबत Sapna Chaudhary Lucknow Court

लखनऊ की इस अदालत ने सपना चौधरी के खिलाफ बार-बार पेश न होने के कारण जमानती वारंट जारी किया था। जब सपना शनिवार को कोर्ट पहुंचीं, तो नियमों के तहत उन्हें पहले हिरासत में लिया गया। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने 60 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस मामले में सपना पर पहले ही आरोप तय हो चुके हैं। आरोप तय होने के बाद आरोपी का हर तारीख पर मौजूद रहना अनिवार्य होता है, लेकिन सपना के हाजिर न होने के कारण कोर्ट को सख्त रुख अख्तियार करना पड़ा।
क्या था 2018 का वह स्मृति उपवन विवाद Sapna Chaudhary Lucknow Court
यह पूरा मामला करीब छह साल पुराना है। 13 अक्टूबर 2018 को लखनऊ के आशियाना स्थित स्मृति उपवन में सपना चौधरी का एक बड़ा डांस प्रोग्राम आयोजित होना था। इसमें टिकटों की बिक्री इस शो के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 300 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से हजारों टिकट बेचे गए थे। जिसके चलते दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में रात 10 बजे तक भी जब सपना चौधरी मंच पर नहीं पहुंचीं, तो दर्शकों का सब्र टूट गया। पैसे देने के बावजूद कलाकार के न आने से नाराज भीड़ ने कार्यक्रम स्थल पर जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया था।
इसी घटना के बाद सब इंस्पेक्टर फिरोज खान ने आशियाना थाने में सपना चौधरी और कार्यक्रम के आयोजकों (रत्नाकर उपाध्याय, अमित पांडे, इबाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

