She Marts Scheme : केंद्र सरकार द्वारा बजट में महिला उत्थान की दिशा में एक और सकारात्मक कदम उठाया गया है। लखपती दीदी के बाद अब महिलाएं मॉल भी चलाएंगी। जी हां, अब महिला कल्याण सिर्फ ‘कर्ज आधारित आजीविका’ तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को बराबर की भागीदार और अपने कारोबार की मालिक बनाना है। इस दिशा में शी मार्ट्स (सेल्फ हेल्प आंत्रप्रेन्योर मार्ट्स) की घोषणा की गई है।
शी मार्ट्स (She Marts) ये ऐसे रिटेल आउटलेट्स होंगे, जिन्हें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं चलाएंगी। सरकार इन्हें ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में स्थापित करेगी। यहां महिलाएं अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों को बेच सकेंगी। इसका मुख्य लक्ष्य महिलाओं को बिचौलियों के चंगुल से बाहर निकालना है। ताकि, उत्पादों का सीधा और ज्यादा मुनाफा महिलाओं तक पहुंचे। मार्ट्स के जरिए महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को ‘ब्रांड’ के रूप में पहचान दिलाएगी। उन्हें बाजार ही नहीं, बल्कि आधुनिक वित्तीय उपकरण और ब्रांडिंग सपोर्ट भी दिया जाएगा।
Lakhpati didi She Marts : 5 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य, शी मार्ट्स का बजट नहीं बताया
दरअसल सरकार को ‘शी मार्ट्स’ का विचार लखपति दीदी की सफलता से मिला। इस पहल ने काम शुरू करना सिखाया। शी मार्ट्स उस काम को बिजनेस में बदलेगा। 3 करोड़ महिलाएं अब सालाना 1 लाख रुपए से ज्यादा कमाने लगी हैं। अब लक्ष्य 5 करोड़ लखपति दीदी बनाने का है। हालांकि शी मार्ट्स के लिए बजट बताया नहीं गया।

वहीं उच्च शिक्षा-करियर के बीच बड़ी बाधा ‘आवास व सुरक्षा’ को 10,000 करोड़ रुपए के निवेश से दूर होगी। देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। छात्राओं को STEM की पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। वे अब पूरा समय दे सकेंगी। STEM कोर्स में महिलाओं की भागीदारी 43 प्रतिशत है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
She Marts : नई स्किलः ड्रोन फ्लाइंग के साथ सुधार भी सकेंगी
ड्रोन फ्लाइंग सिखाने के साथ उनके रखरखाव व सुधार की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के छिड़काव के लिए महिला उद्यमियों की नई फौज तैयार होगी। उन्हें एलईडी बल्बों की असेंबलिंग व निर्माण सिखाया जाएगा ताकि वे छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा सकें।

