UPSC topper Kirti: हरियाणा के पानीपत जिले की कीर्ति ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 304वीं रैंक प्राप्त की है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। जिसे कई प्रयासों के बाद कीर्ति को सफलता मिली है। यह उसके परिवार के साथ ही पुरे प्रदेश के लिए ख़ुशी की बात है। UPSC topper Kirti
कीर्ति ने यह सफलता अपने चौथे प्रयास में प्राप्त की है। हालाकिं उनके परिवार में पहले से ही शिक्षा सरकारी सेवा में कार्यरत परिवार मेंबर से उन्हें भी प्रेरणा मिलती रही है। संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं, लेकिन कुछ ही लोग अंतिम सूची तक पहुंच पाते हैं। हरियाणा के पानीपत की कीर्ति ने इसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा में 304वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत का परिणाम हासिल किया।
संघर्ष और धैर्य से मिली सफलता UPSC topper Kirti

कीर्ति की सफलता की कहानी आसान नहीं रही। उन्होंने बताया कि UPSC परीक्षा में उन्हें चौथे प्रयास में सफलता मिली। पहले कई प्रयासों में असफलता मिलने पर निराशा का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने तैयारी छोड़ने के बजाय अपनी रणनीति में सुधार किया और पढ़ाई का तरीका बदला।
परिवार में शिक्षा और सेवा की मजबूत परंपरा
कीर्ति का परिवार लंबे समय से शिक्षा और सार्वजनिक सेवा से जुड़ा रहा है। इसी माहौल ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार के प्रमुख सदस्य पिता जोगिंद्र सिंह सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और माता मंजू रानी सरकारी स्कूल में हिंदी अध्यापिका हैं है जबकि भाई आशीष गृह मंत्रालय में DSP के पद पर कार्यरत हैं और भाभी मुनमुन चौधरी गुरुग्राम में न्यायिक सेवा में जज हैं। छोटी बहन सुकीर्ति मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। कीर्ति स्वयं भी पिछले दो वर्षों से पावरग्रिड में लीगल ऑफिसर के रूप में कार्य कर रही थीं, लेकिन उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था।
माता पिता का समर्थन बना सबसे बड़ी ताकत
कीर्ति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को दिया। उनका कहना है कि कठिन समय में परिवार ने उनका आत्मविश्वास बनाए रखा।उन्होंने बताया कि जब तैयारी के दौरान असफलता मिली तो परिवार ने उन्हें हार मानने के बजाय दोबारा प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
यूपीएससी परीक्षा क्यों मानी जाती है कठिन UPSC topper Kirti
संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। जिसके चलते हर साल लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होते हैं। चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल होता है और अंतिम सूची में केवल कुछ सौ उम्मीदवारों का चयन होता है इसी के चलते परीक्षा में सफलता हासिल करना बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

