23 January Haryana Weather Today : हरियाणा में मौसम (Mausam) के तेवर बिगड़ गए हैं। प्रदेश के 10 जिलों में रात भर से लगातार बरसात हो रही है। इसके बाद ठंड बढ़ गई है तो वहीं आगे भी बारिश के आसार (Weather Haryana) बने रहेंगे। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम भी बारिश के रंग में रंग सकता है तो वहीं 31 जनवरी तक दो पश्चिमी विक्षोभ हैं, जिनके चलते उत्तर भारत में बारिश की संभावना बनी रहेंगी। आइए जानते हैं आगे मौसम का मिजाज कैसा रहेगा।
रात को दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट के सोनीपत, पानीपत, यमुनानगर समेत जींद, झज्जर, हिसार, फतेहाबाद, रेवाड़ी, सिरसा, महेंद्रगढ़ में बरसात तो कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। पश्चिमी विक्षोभ के कारण ओलावृष्टि की भी संभावना है। इसके बाद ठंड (temperature haryana) और बढ़ेगी। IMD चंडीगढ़ के अनुसार उत्तर भारत में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं।
Weather Today update : पहाड़ों की बर्फबारी का हरियाणा, राजस्थान समेत 9 राज्यों पर असर
आसान भाषा में समझें तो यह भूमध्य सागर से आने वाली नमी युक्त हवाएं हैं, जो पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश लाती हैं। इसका सीधा असर हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान समेत 9 राज्यों पर देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता से 26 जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा और इस दौरान कभी भी बारिश हो सकती है।
Haryana Weather : 24, 25 और 26 जनवरी को मौसम का हाल
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 25 जनवरी तक हरियाणा में बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में मौसम परिवर्तनशील रहेगा आज भी हरियाणा के कई हिस्सों में (Haryana mausam update) बादलवाई रहेगी। शाम को कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। यह बारिश रबी की फसलों, खास तौर पर गेहूं के लिए सोने पे सुहागा साबित हो सकती है।

इसके बाद 24 जनवरी का रात को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने का अनुमान हे, जिसके बाद 25 जनवरी से अधिकतर जिलों में बारिश की संभावना बन रहेगी। हांलाकि इससे रात का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने और दिन के तापमान में बदलाव की संभावना नहीं है।
26 जनवरी: गणतंत्र दिवस की सुबह हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है, लेकिन दिन में मौसम शुष्क रहेगा। यानी परेड और ध्वजारोहण के कार्यक्रमों में बारिश की बाधा आने की संभावना यूं तो कम है लेकिन कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

