Weather Today: देश में अब तापमान में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है वही हरियाणा में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है जिसके चलते कई जिलों में तापमान लगातर बढ़ ही रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पलवल में करीब 36.7 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। जो इस समय काफी ज्यादा है। हलाकि कहा जा रहा है की 14 मार्च के बाद से मौसम में बदलाव शुरू हो जाएगें। जिसके चलते कुछ जिलों में तापमान में गिरावट होगी और बदल छाए रहने के साथ ही हल्की बारिश होने की भी संभावना है। Weather Today
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों में हरियाणा के कई हिस्सों में बादल, हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। वही महेंद्रगढ़ में तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम दर्ज किया गया है।
कई जिलों में तेजी से बढ़ रहा तापमान Weather Today

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के कई शहरों में तापमान सामन्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। जो कुछ इस प्रकार है इसमें पलवल में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस है जबकि गुरुग्राम में लगभग 35.8 डिग्री सेल्सियस और मेवात में करीब 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है वही महेंद्रगढ़ में लगभग 35 डिग्री सेल्सियस सुबह के समय 19 डिग्री के बिच तापमान दर्ज किया गया है। Weather Today
14 मार्च से मौसम में बदलाव के संकेत
कृषि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल 13 मार्च तक मौसम साफ और शुष्क बना रह सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में हलचल शुरू हो सकती है। लेकिन 14 मार्च के बाद से फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी के तापमान में बदलाव हो सकता है। जिसके चलते करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश भी हो सकती है।
15 और 16 मार्च को कई जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15 मार्च के आसपास यह मौसम गतिविधि हरियाणा के उत्तर पूर्वी जिलों तक पहुंच सकती है। जिसके चलते पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत में बारिश होने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर क्यों महत्वपूर्ण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाली एक महत्वपूर्ण प्रणाली है। यह भूमध्य सागर क्षेत्र से आने वाली ठंडी और नम हवाओं के कारण बनती है। इसके चलते तापमान में अस्थायी गिरावट होगी और बादल और बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती है और किसानों के लिए नमी में बढ़ोतरी होगी जो गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए कई बार फायदेमंद भी साबित होती है।

