Wheat Procurement : जींद में डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने शनिवार देर शाम को गेहूं की खरीद को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान डीसी ने कहा कि इस बार किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई नए प्रविधान लागू किए गए हैं। किसानों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया मंडी के गेट पर नहीं, बल्कि गेहूं की ढेरी की खरीद के समय मंडी के अंदर ही की जाएगी।
बायोमेट्रिक के लिए किसान परिवार में से कितने सदस्य होंगे शामिल ? (Wheat Procurement)
एक किसान अपने परिवार के तीन सदस्यों को बायोमेट्रिक के लिए अधिकृत कर सकता है। ताकि किसी कारणवश किसान के मंडी में उपस्थित न होने की स्थिति में उसके परिवार का सदस्य गेहूं की खरीद प्रक्रिया पूरी करवा सके। शनिवार देर शाम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गेहूं खरीद को लेकर वीडियो कान्फ्रेंस से सभी जिलों के डीसी के साथ बैठक की। इस बैठक के बाद डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि गेहूं खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और किसानों के लिए सुविधाजनक होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंडियों में अबकी बार इस तरह होगी निगरानी ? (Wheat Procurement)
इस बार मंडी में आने वाले वाहनों का रिकार्ड रखने के लिए प्रवेश द्वार पर गेट पास के समय वाहन की फोटो ली जाएगी। सीसीटीवी के माध्यम से समय आधारित रिकार्डिंग भी की जाएगी। हरसेक से प्राप्त डाटा के आधार पर फसल का गिरदावरी से मिलान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। मंडियों में जीओ-फेंसिंग लागू की गई है। जिससे निर्धारित क्षेत्र के बाहर गेहूं की खरीद या गेट पास जारी नहीं किया जा सकेगा। यह व्यवस्था मंडी के बाहर बैठकर गेट पास काटने की शिकायतों को रोकने के लिए की गई है। अनाज मंडी में गेहूं लाने वाले किसान अपने ट्रैक्टर पर खुद भी रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित कर सकते है, मंडी में प्रवेश के लिए प्रशासन द्वारा इसे भी मान्य किया जाएगा।
नियमों का सख्ती से पालन करना होगा (Wheat Procurement)
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही सुनिश्चित की जाए। अगर फसल में नमी अधिक हो, तो किसानों को संतुष्ट करते हुए नियमानुसार खरीद की जाए। खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण, मंडी में प्रवेश, गेट पास, खरीद, उठान और एफसीआइ गोदाम तक पहुंच में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। मंडियों में बारदाना, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, अटल कैंटीन में साफ-सफाई व गुणवत्तापूर्ण भोजन, डिजिटल धर्मकांटे, सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक मशीनें और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध रहे।
गेहूं उठान करने वाले वाहनों पर लगेंगे जीपीएस (Wheat Procurement)
वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए पालीथिन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। गेहूं उठान करने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम चालू हालत में होना चाहिए। पुलिस विभाग मंडियों के बाहर जाम की स्थिति न बनने दे। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और सभी खरीद एजेंसियां आपसी तालमेल से कार्य करें। इस अवसर पर जींद के एसडीएम सत्यवान सिंह मान, उचाना के एसडीएम दलजीत सिंह, सफीदों के एसडीएम पुलकित मल्होत्रा, जुलाना के एसडीएम होशियार सिंह, डीएफएससी राजेश कुमार आर्य व विभिन्न एजेंसियों के मुख्य प्रबंधक मौजूद रहे।

पंजाब से लगती सीमाओं पर निगरानी के लिए लगाए जाएंगे नाके (Wheat Procurement)
डीसी ने बताया कि पंजाब से लगती सीमाओं पर भी निगरानी के लिए नाके लगाए जाएंगे, ताकि बाहरी गेहूं की आवक पर नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से मंडियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें।
खरीद के मुख्य मापदंड (Wheat Procurement)
- मंडी गेट पर सीसीटीवी के माध्यम से रीयल टाइम निगरानी एवं वाहन की फोटो।
- ढेरी की खरीद के समय बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज।
- मंडी क्षेत्र की जीओ-फेंसिंग, निर्धारित क्षेत्र के बाहर गेट पास नहीं।
- निकासी के समय गेट पास जारी।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश (Wheat Procurement)
- मंडी गेट पर भीड़ न हो, पर्याप्त स्टाफ व सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित।
- बायोमेट्रिक प्रक्रिया सुचारू रहे, मशीनें चालू अवस्था में हों।
- जीओ-फेंसिंग क्षेत्र की सटीक रिपोर्ट तैयार की जाए।
- किसानों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित हों।
- उठान वाहनों में जीपीएस अनिवार्य रूप से चालू रहे।
- गेहूं की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित हो।
- किसानों को समय पर भुगतान किया जाए।

