CAFE III Rule: भारत में सबसे ज्यादा अब के समय में छोटी कार ही ज्यादा बिक रही है लेकिन अब छोटी कार लेने वालों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी बता दें की अब भारत में CAFE III मानकों के मसौदे में छोटी पेट्रोल कारों को दी जाने वाली विशेष छूट समाप्त हो जाएगी जिसे छोटी कार भी अब महंगी ही मिलेगी। यह नियम 2027 तक लागु हो सकते है इन नियमों का उद्देश्य बेहतर माइलेज वाली तकनीक को आगे बढ़ाना है। CAFE III Rule
इस कंपनी को लगेगा बड़ा झटका CAFE III Rule
इस नियम से भारत में सबसे ज्यादा कार बेचने वाली कंपनी सुजुकी मारुती को इससे बड़ा झटका लग सकता है। क्योकि यही कंपनी सबसे ज्यादा भी और छोटी कार भी बेचती है इसमें Alto, Celerio और S Presso जैसे मॉडल शामिल हो सकते है। जिसके चलते अब कंपनी ह्यब्रीड और इलेक्ट्रॉनिक मॉडल की और ज्यादा ध्यान देंगी।
सरकार ने ईंधन दक्षता नियमों में ये बदलाव
जानकारी के मुताबिक CAFE III नियम के नए मसौदे में केंद्र सरकार ने हल्की पेट्रोल कारों को दी जाने वाली विशेष राहत समाप्त करने का फैसला किया है। यह निर्णय आगामी ईंधन दक्षता मानकों को सख्त बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।इसका असर उन एंट्री लेवल कारों पर पड़ सकता है जिनका वजन लगभग 909 किलोग्राम या उससे कम है। अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ये नियम 2032 तक प्रभावी रहेंगे और वाहन कंपनियों को अपने कुल उत्सर्जन को कम करने के लिए बाध्य करेंगे।
इसी के चलते कुछ कंपनी का कहना था की इससे बाजार में कुछ विशेष कंपनी को फयदा होगा जबकि कुछ को नुकसान झेलना पड सकता है जिसके चलते इसमें शुरू में कुछ छूट देने की बात भी समाने आ रही है। CAFE III Rule
इन कारों पर सबसे ज्यादा असर
छोटी और हल्की कारें भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले सेगमेंट में शामिल हैं। Alto, Celerio और S Presso जैसे मॉडल इस श्रेणी में आते हैं। इस नई निति से ऐसी कार पर जायदा असर देखने को मिला है।
नए नियम कैसे काम करेंगे
CAFE III नियम का मुख्य उद्देश्य करों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करना है। जिसके चलते कार कंपनी को अपने सभी वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन पर ध्यान देना होगा। इसमें उत्सर्जन को लगभग 91.7 ग्राम CO₂ प्रति किलोमीटर तक सीमित करने का लक्ष्य तय मानकों का पालन न करने पर प्रति कार जुर्माना लग सकता है और हल्की और भारी कारों के लिए अलग अलग राहत की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा
इस फैसले का एक बड़ा उद्देश्य EV और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देना भी है। नई नीति के चलते कंपनियों पर कम प्रदूषण वाली तकनीक अपनाने का दबाव बढ़ेगा।

