Haryana New IMT : हरियाणा में आईएमटी को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। सरकार अब आईएमटी का जमीनी क्षेत्रफल घटाने पर विचार कर रही है, क्योंकि सरकार को पर्याप्त जमीन नहीं मिल पा रही है। सरकार द्वारा जमीनी क्षेत्रफल 1500 एकड़ से घटाकर 1200 एकड़ तक किया जा सकता है।
इस मामले में हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि सीएम नायब सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए प्रदेश में 10 नई IMT स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 आई.एम.टी. को मंजूरी भी मिल चुकी है। दरअसल किसानों द्वारा इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आई.एम.टी.) के लिए अपनी ज़मीन के कलेक्टर रेट से कई गुना अधिक दाम मांगे जाने के कारण हरियाणा में आई.एम.टी. निर्माण की अधिकांश परियोजनाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। कई स्थानों पर किसान कलेक्टर रेट से 6 से 8 गुना रेट मांग रहे हैं, जिससे सरकार के लिए ज़मीन खरीदना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Haryana New IMT : हरियाणा सरकार की ये है नीति
हरियाणा सरकार की नीति है कि किसानों की सहमति के बिना उनकी ज़मीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से बाजार भाव पर ज़मीन खरीदने की योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी, जिसे वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सैनी आगे बढ़ा रहे हैं। इसी नीति के तहत सरकार ने किसानों से स्वैच्छिक रूप से ज़मीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल शुरू किया है, जहां किसान अपनी ज़मीन बेचने की पेशकश करते हुए स्वयं रेट तय करते हैं। यदि सरकार को रेट उपयुक्त लगता है तो ज़मीन खरीद ली जाती है, जबकि अधिक कीमत की स्थिति में मोलभाव की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

Haryana New IMT : 10 आईएमटी की जानी हैं विकसित
राम नरबीर सिंह का कहना है कि हरियाणा में 10 आईएमटी विकसित की जानी हैं, जिनमें से 6 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें से अंबाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में आई.एम.टी. निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अंबाला जिले में दो आई.एम.टी. प्रस्तावित हैं, जिनमें से एक सीएम नायब सैनी के पूर्व विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में विकसित की जानी है। अंबाला और यमुनानगर की परियोजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में किसानों द्वारा ज़मीन के अधिक दाम मांगे जाने के कारण प्रक्रिया धीमी बनी हुई है। महेंद्रगढ़ के खुडाना क्षेत्र में ज़मीन उपलब्ध न होने के चलते वहां आई.एम.टी. का प्रस्ताव फिलहाल अधर में लटका हुआ है।
Haryana New IMT :केएमपी के दोनों तरफ बसेंगे पांच नए शहर
दिल्ली से नज़दीकी और उपजाऊ भूमि होने के कारण हरियाणा में ज़मीन के दाम अपेक्षाकृत अधिक हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी.) एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) की एक महत्वपूर्ण संपत्ति है।
वर्ष 2031 की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने के.एम.पी. एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पांच नए शहर विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। ये प्रस्तावित शहर ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के साथ-साथ दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने में भी सहायक सिद्ध होंगे।

