HBSE EXAM: HBSE बोर्ड 12वीं के एग्जाम इस बार 25 फरवरी से शुरू होने जा रहे है। और 10वीं के 26 फरवरी से शुरू हो रहे है। जिसके चलते प्रदेश में करीब 3.35 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगें। इसके लिए कुल 1449 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। बोर्ड की और से यह भी साफ किया गया है की इस पर नक़ल करने वालों पर भी शिकंजा कैसा जाएगा। जिसके चलते कुछ जुर्माने के तोर पर भी कदम उठे जाएगें।
परीक्षा का पूरा शेडूल HBSE EXAM

इस साल 10वीं में करीब 1.71 लाख छात्र परीक्षा देंगे जबकि 12वीं में करीब 1.64 लाख छात्र परीक्षा देंगें। एक जैसी व्यवस्था के साथ ही परीक्षा पुरे प्रदेश में आयोजित की जाएगी। जानकरों के मुताबिक पिछले कुछ सालों से सामूहिक नक़ल और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए है जिसके चलते अब बोर्ड की और से नियम और भी सख्त किये गए है। HBSE EXAM
नकल रोकने के लिए नए नियम
HBSE की और से यह साफ कहा गया है कि अगर किसी भी परीक्षा केंद्र पर किसी कारण से पेपर लीक होता है। या फिर किसी भी प्रकार से परीक्षा रद्द परनि पड़ी तो उस परीक्षा को फिर से करवाने के लिए होने वाला खर्च उस स्टाफ को ही उठाना होगा जिसके चलते परीक्षा रद्द की गई थी।
इसमें प्रक्रिया में शामिल होंगे केंद्र अधीक्षक और पर्यवेक्षक के साथ ही ड्यूटी पर तैनात स्टाफ। अधिकारीयों के अनुसार ऐसे फैसले से केंद्र स्तर पर भी लापरवाही होने की गुंजाईश नहीं रहेगी।
मान्यता प्राप्त स्कूलों पर भी सख्ती
अगर कोई भी मान्यता प्राप्त स्कूल से पेपर लीक के बारे में कोई दोषी परया जाता है तो दोषी को जुर्माने के साथ ही स्कूल की मान्यता भी रद्द कर दी जाएगी। बोर्ड के अनुसार स्कूल के मुख्या को ही मुख्य केंद्र अधीक्षक बनाया जाएगा कर कोई भी खून के रिश्ते का छात्र उस स्कूल में परीक्षा नहीं दे सकेगा।
सीसीटीवी निगरानी
इसके अलावा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी पेपर CCTV की नज़र में ही होंगें और रिकॉर्डिंग को करीब 6 महीने तक संभल कर रखा जाएगा। सभी परीक्षा कक्ष एक नेटवर्क के साथ आपस में जुड़ें होंगें।
बाहरी हस्तक्षेप रोकने के उपाय
बोर्ड ने स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिया है कि वे ग्राम पंचायत और विद्यालय प्रबंधन समिति का सहयोग लें ताकि परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या हस्तक्षेप रोका जा सके।

