Education news : हरियाणा में सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। जिले के 174 प्राथमिक विद्यालयों में अब स्मार्ट क्लास की तर्ज पर एलईडी गई हैं हैं।
इन स्क्रीन के माध्यम से बच्चों को न केवल रोचक तरीके से पढ़ाया जाएगा, बल्कि संपर्क दीदी नामक एनिमेटेड प्रोग्राम के जरिए गणित और हिंदी जैसे कठिन समझे जाने वाले विषयों को भी सरल बनाया जाएगा। शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, स्कूलों में एलईडी लगने के बाद रोटेशन के आधार पर लेक्चर आयोजित किए जाएंगे। इससे एक ही समय में बेहतरीन शैक्षणिक सामग्री सभी बच्चों तक पहुंच सकेगी।
Education news : शिक्षक नहीं मिला तो आडियो-वीडियो व्युजवल फार्मेट में पढ़ाया जाएगा पाठ
यदि किसी स्कूल में संबंधित विषय का शिक्षक उपलब्ध नहीं है, तो वहां एलईडी के माध्यम से आडियो-विजुअल फार्मेट में पाठ पढ़ाया जाएगा। इस डिजिटल मुहिम का सबसे खास हिस्सा संपर्क स्मार्टशाला कार्यक्रम है। इसमें संपर्क दीदी नामक एक वर्चुअल पात्र बच्चों को कहानियों, गानों और खिलौनों के माध्यम से पढ़ाती नजर आएंगी। कठिन फार्मूले और गणनाएं अब रटने के बजाय ग्राफिक्स और गतिविधियों के जरिए समझाई जाएंगी। भाषा के व्याकरण और उच्चारण को सही करने के लिए डिजिटल कहानियों का सहारा लिया जाएगा।
विभाग का कहना है कि एलईडी पैनल लगने के बाद एक निश्चित टाइम-टेबल तैयार किया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग कक्षाओं के लिए रोटेशन में लेक्चर चलेंगे। इससे शिक्षकों का कार्यभार भी कम होगा और वे बच्चों की व्यक्तिगत काउंसलिंग पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। प्रदेश के 2264 स्कूलों में एलईडी मुहैया करवाई गई है। इसमें जींद जिले के 174 स्कूल शामिल हैं।
जिले का नाम -स्कूलों की संख्या
अंबाला -55
भिवानी -124
चरखीदादरी -32
फरीदाबाद -79
फतेहाबाद -142
गुरुग्राम -61
हिसार -176
झज्जर -68
जींद -174
कैथल -110
करनाल -119
कुरुक्षेत्र -66
महेंद्रढ़ -29
नूहं -293
पलवल -166
पंचकूला -31
पानीपत -66
रेवाड़ी -52
रोहतक -33
सिरसा -167
सोनीपत -153
यमुनानगर -68
कुल -2264
विद्यार्थियों को दी जाएगी बेहतर शिक्षा
जिले के राजकीय स्कूलों में एलईडी मुहैया करवाई गई हैं। यह शिक्षा विभाग की एक अच्छी पहल है। एलईडी के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दी जाएगी। इससे विद्यार्थी रोचक तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। गणित और हिंदी विषय को समझने के लिए उन्हें सरल बनाया जाएगा।
–राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला कोआर्डिनेटर

