Iran Israel war Update: मिडिल ईस्ट में संघर्ष को करीब 6 दिन निकल चुके है लेकिन अभी भी संघर्ष रुकने का नाम नहीं के रहा। इसी के चलते ईरान ने फिर से इजराइल की और 40 मिसाइलें दागने का दावा किया है। जिसके चलते यरुशलम और सेंट्रल इजरायल के कई हिस्सों में सायरन बजाए जा रहे है। इसके दूसरी और अमेरिका और इसराइल के कार्यवाही से तेहरान में भी कई स्थानों पर हमले हो रहे है। तनाव के चलते यह टकराव लम्बा चल सकता है।
ताजा घटनाक्रम क्या है Iran Israel war Update

Islamic Revolutionary Guard Corps ने कहा कि उसकी एयरोस्पेस यूनिट ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 40 से अधिक मिसाइलें दागीं। इसे उसने अपने सैन्य अभियान की नई लहर बताया। इजरायल में यरुशलम और सेंट्रल क्षेत्र में सायरन बजने की पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने की। कुछ स्थानों पर वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हुई। नुकसान का आधिकारिक आकलन जारी है। Iran Israel war Update
संघर्ष Iran Israel war Update
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त स्ट्राइक्स के बाद यह टकराव तेज हुआ। ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर आई खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। इसी के चलते कई वर्षों से छोटे हमले के बाद यह पहली बार तीनो सैन्य टकराव दिख रहे है। Iran Israel war Update
तेहरान और अन्य शहरों में हमले
ईरान के तेहरान में रात भर धमाकों की आवाजें सुनी गईं। कुछ रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ढांचे और सैन्य परिसरों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक करीब 900 से भी ज्यादा नागरिकों की मोत हो चुकी है जबकि 6000 से ज्याद घायल बताए जा रहे है। इस्फहान, कुम, करज और केरमानशाह में भी सैन्य ठिकानों के आसपास हमलों की सूचना है।
ड्रोन और एयर डिफेंस पर दावे
ड्रोन और एयर डिफेंस पर दावे में कहा कि उसने कई उन्नत ड्रोन मार गिराए, जिनमें इजरायल के Hermes और अमेरिका के MQ 9 Reaper जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इजरायल ने इन दावों पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। तेल अवीव और आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी है।
इजरायल की प्रतिक्रिया
इसराइल की और से कहा जा रहा है की उनकी वायु सुरक्षा प्रणाली सक्रिय है और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है जिसके चलते United States ने भी क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है। मध्य पूर्व वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। लंबे समय तक संघर्ष रहने से कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

