west bengal assembly election dates: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कर दी गई है। इसी के चलते राज्य में करीब 294 विशानसभा सीटों पर 2 चरणों में चुनाव करवाए जाएगें। पहले चरण में 23 अप्रैल को चुनाव होगें और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को चुनाव करवाए जाएगें।
इसके उपरांत 4 मई को सभी सीटों की वोट की गिनती की जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया की चुनाव की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शता से सम्पन करवाने के लिए तैयारियां की जा रही है। क्योंकि इसे ही अगले 5 साल की सरकार तय होनी है तो चुनाव में पारदर्शता जरुरी है। west bengal assembly election dates
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखें घोषित west bengal assembly election dates

जैसे की पहले भी बताया है की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीख घोषित कर दी गई है। इसके लिए पूरी समय सरणी भी जारी कर दी गई है। आयोग के अनुसार राज्य में करीब 2 चरण में चुनाव करवाए जाएगें ताकि इसे बेहतर तरिके से संचालन किया जा सकें।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहला मतदान चरण 23 अप्रैल को होगा जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 4 मई को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा।
क्यों दो चरणों में कराया जाएगा चुनाव आयोग के मुताबिक कुछ कारण से 2 चरण में करवाए जातें है इसमें मुख्य कारणों राज्य का बड़ा भौगोलिक क्षेत्र होने के साथ ही मतदान केंद्रों की बड़ी संख्या होना है जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है इसलिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखनी पड़ती है जिसके चलते चुनाव अलग अलग चरण में करवाए जा रहे है।west bengal assembly election dates
294 सीटों पर होगा मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं। इन सभी सीटों के लिए मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में कई पंजीकृत मतदाता हैं जिसके चलते हजारों मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और चुनाव के दौरान केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी जिसके चलते इस बार भी चुनाव आयोग का लक्ष्य शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
चुनाव प्रक्रिया कैसे चलेगी
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। और इसमें उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करना से लेकर नामांकन पत्रों की जांच करना और उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि और चुनाव प्रचार अभियान के अलावा मतदान और मतगणना शामिल है जिसके चलते इस दौरान आचार संहिता लागू रहती है कुछ प्रतिबंध लागू होते हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव क्यों महत्वपूर्ण
इसके पीछे कई कारण हैं- राज्य की बड़ी जनसंख्या और राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव के साथ ही क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के बीच प्रतिस्पर्धा होना।

