income tax rules: भारत में 1 अप्रैल से नए आयकर नियम लागु किये जा रहे है। जिसके चलते केंद्र सरकार द्वारा टैक्स व्यवस्था को और सरल बनाने के लिए बदलाव किए जा रहे है। जिसे चलते नया इनकम टैक्स ढांचा लागु होगा। हालाँकि टैक्स सेलेब में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन इनकम टैक्स की रिटर्न समय कर गलती सही करने की प्रक्रिया और कुछ टैक्स दर में भी बढ़लाव किया गया है। सरकार के मुताबिक इस बदलाव से टैक्स प्रणाली को और भी पारदर्शी बनाया जाएगा। जिसके चलते टेक्स देने वालो को कुछ राहत भी मिलेगी। income tax rules
नए आयकर नियम 2026 से क्या बदलेगा income tax rules

जैसे की पहले भी बताया गया है कि सरकार की और से टैक्स नियमों को और भी सरल बनाने के लिए नई सरल डिजिटल प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाया गया है। हालाँकि आम लोगों वेतनभोगी लोगों के लिए स्लेब में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके बजाय सरकार ने कुछ प्रक्रियाओं और टैक्स दरों में सुधार पर ध्यान दिया है।
व्यापारियों के लिए रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ी
इस नए नियम के तहत को भी टैक्स पेयर अगर ITR 3 या ITR 4 श्रेणी में आता है और उसका ऑडिट जरुरी नहीं है। जिसके चलते उसे रिटर्न भरने के लिए जायदा समय मिलेगा। जिसके चलते पहले अंतिम तिथि 31 जुलाई थी, अब इसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। इस नए बदलाव से व्यापारियों और स्वरोजगार को काफी लाभ होगा। जिसके चलते वित्य वितरण करने के लिए उन्हें ज्यादा समय मिलेगा।
रिटर्न में गलती सुधारने के लिए अब अधिक समय
ऐसे नई अब नए नियमों में करदाता को रिटर्न की गलती को सुधरने के लिए भी पहले से अधिक समय दिया जाएगा। पहले संशोधित रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर होती थी। अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। जिसके चलते अब वित् वर्ष खत्म होने तक का पूरा समय होगा। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन लोगों को फायदा होगा जिन्हें रिटर्न भरते समय तकनीकी या दस्तावेजी त्रुटियां हो जाती हैं।
विदेश में पैसे भेजने पर टैक्स दर सरल
विदेश में शिक्षा, इलाज या अन्य जरूरतों के लिए पैसे भेजने वालों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। इसके चलते पहले अलग अलग स्थितियों में 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक TCS लागू होता था। लेकिन अब इसके लिए एक समान लगभग 2 प्रतिशत की दर लागू की गई है।इस बदलाव से खास तौर पर उन परिवारों को राहत मिल सकती है जो बच्चों की पढ़ाई या मेडिकल खर्च के लिए विदेश में भुगतान करते हैं।
नई दरों के अनुसार
नई दरों के अनुसार अब फ्यूचर्स लेनदेन पर टैक्स लगभग 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस लेनदेन पर टैक्स लगभग 0.15 प्रतिशत जबकि विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर सक्रिय ट्रेडर्स पर ज्यादा पड़ सकता है क्योंकि वे दिन में कई बार लेनदेन करते हैं।

