Mera Pani Meri Virasat Yojana: हरियाणा में कई जिलों में डार्क जॉन की समस्या सामने आ रही है। इसी के चलते सरकार की और से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है जिसके चलते मेरा पानी-मेरी विरासत योजना को नया विस्तार मिल रहा है। जिसके चलते किसान अब धान के स्थान पर कोई भी अन्य फसल उगाकर सीधा बैंक खाते में 8 हज़ार प्रति एकड़ के हिसाब से लाभ प्राप्त कर सकते है। Mera Pani Meri Virasat Yojana
सरकार के मुताबिक धान की एक किला फसल को तैयार करने के लिए हज़ारों लीटर पानी लगता है। जिसके चलते आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संकट खड़ा हो सकता है। इसी संकट से बचने के लिए अब किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करके अन्य फसल लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कपास से लेकर बागवानी तक, इन फसलों पर टिकी है उम्मीद Mera Pani Meri Virasat Yojana

इस योजना के दायरे में धान को छोड़कर ये कुछ फैसले राखी गई है जैसे कपास, मक्का, बाजरा, मूँग, अरहर या तिलहन में से अगर किसान कोई फसल लगता है या फिर किसान कोई सब्जी फल या फिर बागवानी की फसल करता है तो इसके लिए भी सरकार से प्रोत्साहन राशि किसानों को दी जाएगी। इसके अलावा अगर कोई किसान अपनी जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए खेत को खाली रखना चाहता है तो उसके लिए भी सरकार की और से प्रति एकड़ के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। Mera Pani Meri Virasat Yojana
‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन है चाबी
इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल रखा गया है ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे। पात्र किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जाकर अपनी जमीन और बोई जाने वाली वैकल्पिक फसल का सटीक विवरण देना होगा। पंजीकरण के बाद कृषि विभाग की टीमें फिजिकल वेरिफिकेशन होगी। वेरिफिकेशन रिपोर्ट ओके होते ही प्रोत्साहन राशि सीधे किसान के डीबीटी (DBT) के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि बिना पंजीकरण के किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा। Mera Pani Meri Virasat Yojana
कृषि विशेषज्ञों की राय: मिट्टी और जेब दोनों के लिए फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल विविधीकरण (Crop Diversification) न केवल जल संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि यह मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए भी अनिवार्य है। लगातार धान उगाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है और बीमारियां बढ़ रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 8 हजार रुपये की यह राशि किसानों को शुरुआती लागत और जोखिम कवर प्रदान करेगी। सरकार की इस पहल से उम्मीद जगी है कि इस बार खरीफ सीजन में धान के रकबे में कमी आएगी और प्रदेश के ‘ब्लैक जोन’ वाले इलाकों में भूजल स्तर में सुधार की शुरुआत होगी। Mera Pani Meri Virasat Yojana

