Kharif Mela Hisar: हरियाणा के किसानो के लिए CM नायब सैनी ने बड़ी सौगात का ऐलान किया है। हिसार में चल रहे कृषि मेले के दौरान किसानो के लिए बड़ा ऐलान किया है CM ने इस मेले के शुभारम्भ के साथ ही किसानो को और ज्यादा समृद्ध बनाने के लिए विशेष प्रयास किया है जिसके चलते कई महत्वपूर्ण कदम उतहे जाएगें।
इस आयोजन में गोकुलपुरा में बनकर तैयार हुआ मोटे अनाज अनुसंधान केंद्र भी काफी चर्चा में रहा है। बता दें कि इस अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री ने किया है। Kharif Mela Hisar
गोकुलपुरा में मोटे अनाजों पर होगा महा-शोध Kharif Mela Hisar

करीब 11 करोड़ 67 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह अनुसंधान केंद्र करीब 64 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इस केंद्र का प्राथमिक उद्देश्य बाजरा और ज्वार जैसे मोटे अनाजों की ऐसी उन्नत किस्में तैयार करना है, जो कम पानी में भी बंपर पैदावार दे सकें। और भविष्य की जरूरत जलवायु परिवर्तन के दौर में जब पानी की किल्लत बढ़ रही है, ऐसे में यह केंद्र हरियाणा के शुष्क इलाकों के किसानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा।
‘क्लाइमेट-स्मार्ट कृषि’ से बढ़ेगी किसानों की आय
मेले के दौरान चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके शोध कार्यों की जमकर सराहना की। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि अब पारंपरिक लकीर से हटकर ‘स्मार्ट खेती’ अपनाने का वक्त आ गया है। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने जल संरक्षण और फसल विविधीकरण के नए प्रयोगों से किसानो को और जमीन दोनों को काफी लाभ होगा।
आधुनिक मशीनों से घटेगी लागत, बढ़ेगा मुनाफा
मुख्यमंत्री ने मेले में प्रदर्शित आधुनिक कृषि यंत्रों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि नई बीज तकनीकों और अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से खेती अब पर्यावरण के अनुकूल बन रही है। इस नई तकनीक से खेती की लगत भी कम होगी और श्रम भी बचेगा। सरकार और कृषि विभाग का एकमात्र लक्ष्य है कि वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर राज्य के किसानों की शुद्ध आमदनी में इजाफा किया जाए।
रेवाड़ी AIIMS को लेकर भी बड़ी खबर
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी एम्स (AIIMS) से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एम्स को 50 MBBS सीटों के लिए मंजूरी मिल गई है। साथ ही, संस्थान के सुचारू संचालन के लिए जल्द ही 1700 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

