Petrol Diesel Price: देश में वाहन चालकों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पेट्रोल डीजल की निजी कंपनी नायरा द्वारा अपने सभी फिलिंग स्टेशनों पर पेट्रोल और डीजल महंगा कर दिया है। इसके चलते पेट्रोल की कीमत करीब 5 रुपये और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोतरी का फैसला देश के करीब 7000 पेट्रोल पंप पर लागु किया गया है। हालाँकि राहत की बात यह है की IOCL, HPCL, BPCL सरकारी तेल कंपनी द्वारा तेल की कीमतों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। जिसके चलते अभी बड़ी संख्या में पेट्रोल पंप पर तेल की कीमतें स्थिर बानी हुई है।
किन इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर Petrol Diesel Price
नायरा एनर्जी का रिटेल नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है, लेकिन कुछ राज्यों में इसकी मौजूदगी काफी सघन है। जैसे पश्चिमी भारत: गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में कंपनी के पंपों की संख्या अधिक है, इसलिए यहां के ग्राहकों पर सबसे ज्यादा वित्तीय बोझ पड़ेगा। लेकिन इसके अलावा भी दक्षिण भारत: कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में भी नायरा के पंपों पर नई दरें प्रभावी हो गई हैं। अभी उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर के कुछ चुनिंदा इलाकों में भी कीमतें बढ़ चुकी हैं। Petrol Diesel Price
ऐसे ही देश के अलग अलग राज्यों में तेल की कीमतों में अलग अलग बदलाव वहां के टैक्स दर के हिसाब से है। जिसके चलते पेट्रोल करीब 5.30 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से महंगा हुआ है।
आखिर क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता ने निजी कंपनियों को हिलाकर रख दिया है। जिसके चलते फरवरी के अंत में मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान पर सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी थीं। एक समय पर भाव 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे, जो अब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने हुए हैं।
निजी कंपनियों का कहना है कि वे भारी घाटे में चल रही हैं। सरकारी तेल कंपनियों को तो सरकार की तरफ से घाटे की भरपाई के लिए वित्तीय मदद या मुआवजा मिल जाता है, लेकिन नायरा एनर्जी जैसी निजी कंपनियों को अपनी लागत खुद ही निकालनी पड़ती है। इसी ‘कॉस्ट प्रेशर’ को कम करने के लिए कीमतों में इजाफा करना कंपनी की मजबूरी बन गया है।
बाजार का मौजूदा नायरा पेट्रोल पंप
भारत में करीब 1,02,075 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत सरकारी कंपनियों के पास हैं। रिलायंस और बीपी के जॉइंट वेंचर Jio-bp ने भी अभी तक कीमतें नहीं बढ़ाई हैं, भले ही वे घाटे का सामना कर रहे हों।

