Jind News : उचाना क्षेत्र के गांव घोघड़ियां में जल संस्कृति के प्रतीक 42 साल पुराने कुएं को सहेजने की कवायद शुरू हो गई है। रद्द हो चुके इस कुएं का पुनर्निर्माण शुरू कर दिया गया है। कुएं के गंदे पानी को निकाल कर इसे दोबारा से चालू हालत में किया जाएगा।
ग्रामीण सत्ता पंडित, राजपाल, संजय कौशिक के अनुसार 42 साल पहले रामेश्वर नाथ पंडित ने कुएं का निर्माण करवाया था। उस समय गांव में पानी की किल्लत थी तो पूरा गांव कुएं का ठंडा और शीतल पानी पीकर अपनी प्यास बुझाता था। ग्रामीणों को इसका बहुत फायदा मिल रहा था। सात-आठ साल पहले गांव में नहरी पानी आने के बाद पानी की उपयोगिता कम हो गई और धीरे-धीरे ग्रामीणों ने पेयजल लेना बंद कर दिया तो यह कुआं रद्द हो गया। रख-रखाव के अभाव में कुएं की चारदीवारी गिर गई थी।

अब दोबारा से कुएं की चारदीवारी का निर्माण शुरू करवाया जा रहा है तो वहीं चारों तरफ सीमें ब्लॉक की ईंटों के साथ इसे पक्का किया जाएगा और पूरी तरह से रेनोवेट किया जाएगा। दोबारा से कुएं को चालू हालत में किया जाएगा। संजय कौशिक का कहना है कि घोघड़ियां गांव की पुरानी और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का काम किया जा रहा है। कुंए को नए सिरे से तैयार किया जाएगा।
कुएं के साइड में घाट की सीढ़ियों को भी रिपेयर कर दिया गया है तो वहीं बुर्जी भी ठीक कर दी हैं। कुएं के अंदर के गंदे पानी को निकाला जाएगा, ताकि साफ भूमिगत जल प्राप्त हो सके। इस पहल से न केवल गांव की पुरानी पहचान लौटेगी, बल्कि जल संरक्षण और पारंपरिक संसाधनों के महत्व को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकेगा।

