Delhi Metro New Rule: देश में सार्वजानिक परिवाह को मजबूत और सुचारु बनाने के लिए लगातार कई प्रयास किये जा रहे है जिसके चलते अब यात्रियों के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। अगर आप भी मेट्रो के कोच में बैठकर सुस्त या फिर जल्दी में महिला कोच में चढ़ने के आदि है तो अब अबको यह आदत बदलनी होगी।
क्योंकि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन अब नियमों को पहले से कही ज्यादा सख्त कर दिया है। केंद्र सरकार की और से मेट्रो में अनुशासन को बनाए रखने के लिए नए नियमों में और भी सख्ती की है। जिसके चलते जरा भी भूल होने पर आपको भरी भरकम जुर्माना देना पड सकता है।
जन विश्वास विधेयक 2026 से बदल जाएगी मेट्रो की व्यवस्था Delhi Metro New Rule

सड़कों के बाद अब पटरी पर दौड़ने वाली मेट्रो के कायदे-कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी है। दरअसल, केंद्र सरकार मेट्रो रेलवे संचालन और रखरखाव अधिनियम, 2002 में संशोधन करने जा रही है। यह पूरी कवायद जन विश्वास विधियों में संशोधन विधेयक 2026 के तहत की जा रही है।
इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य जेल की सजा जैसे आपराधिक प्रावधानों को कम कर उनकी जगह भारी आर्थिक दंड लगाना है। सरकार का मानना है कि जुर्माने की रकम बढ़ाने से यात्रियों में डर और अनुशासन दोनों बढ़ेगा, जिससे सफर और अधिक सुरक्षित और सुखद हो सकेगा।
महिला कोच में घुसना अब पड़ेगा 5000 का Delhi Metro New Rule
नए प्रस्ताव में सबसे ज्यादा सख्ती महिला सुरक्षा को लेकर दिखाई गई है। अब तक अगर कोई पुरुष यात्री गलती से या जानबूझकर महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करता था, तो उस पर मात्र 250 रुपये का जुर्माना लगता था। लेकिन नए नियमों के लागू होते ही यह राशि सीधे 20 गुना बढ़कर 5,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। यह कदम महिला यात्रियों की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। Delhi Metro New Rule
फर्श पर बैठने और थूकने की अब खैर नहीं
मेट्रो के भीतर गंदगी फैलाना या फर्श पर बैठकर रास्ता रोकना अब बहुत महंगा सौदा साबित होगा। पहले मेट्रो परिसर में थूकने, फर्श पर बैठने, झगड़ा करने या नशे की हालत में मिलने पर अधिकतम 500 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाता था। लेकिन अब इस जुर्माने को बढ़ाकर 2,500 रुपये करने की तैयारी है। Delhi Metro New Rule
मेट्रो की दीवारों पर कुछ लिखा तो लगेगा 10 हजार
मेट्रो कोच या स्टेशन परिसर को विज्ञापनों, पोस्टरों या पेन से लिखकर खराब करने वालों के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। वर्तमान में धारा 62(3) के तहत इसके लिए जेल और 1,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। नए संशोधन में जेल की सजा को हटाकर सीधे 10,000 रुपये के जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार की कोशिश है कि मेट्रो की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों को कड़ा सबक मिले।

