एकता क्रांति, जींद। (Jind ka Mausam) : मौसम का मिजाज लगातार गर्म होता जा रहा है। इसका जनजीवन पर असर साफ देखने को मिल रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री पर जा पहुंचा जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में नमी की मात्रा 23 प्रतिशत तथा हवा की गति 23 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते तापमान को लेकर एडवाइजरी जारी की है। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि गर्मी को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थों का प्रयोग करें। स्वच्छता का ध्यान रखें और शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। जरूरी नहीं हो तो दोपहर के समय बाहर नहीं निकलें।
फिजिशियन डा. विनीता ने कहा कि हीट वेव शुरू हो गई है। वर्तमान समय में तापमान लगातार बढ़ रहा है तथा आने वाले दिनों में गर्म हवाएं लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी हो जाती है। इससे चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी, कमजोरी, थकान तथा बेहोशी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं तथा पहले से बीमार व्यक्ति हीट वेव से अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए उनका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

दोपहर के समय सुनसान होने लगी सड़कें (Jind ka Mausam)
पिछले चार दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। तापमान 41 डिग्री तक जा पहुंचा है। पिछले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में चार डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान में भी तीन डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इसका जनजीवन पर साफ असर देखने को मिल रहा है। गर्मी से काम धंधे प्रभावित हो रहे हैं। दोपहर तक हालात यहां तक हो जाते हैं कि सड़कें तथा गलियां सुनसान नजर आने लगती हैं। बाजार में ग्राहक दिखाई नहीं दे रहे हैं। भीष्ण गर्मी के चलते एसी, पंखे तथा कूलर लोगों का सहारा बने हुए हैं।
सूर्य देवता उगल रहे आग (Jind ka Mausam)
रविवार को दिन का आगाज तेज धूप के साथ हुआ। दिन चढ़ने के साथ-साथ तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। हवा भी गर्म होने के तेज हो गई। दिनभर लोग गर्म हवा के थपेड़े सहते रहे। गर्मी के चलते शीतल पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश ने बताया कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नही है। तापमान में और भी बढ़ोत्तरी होगी।

