Petrol Diesel Price Today: आज 1 अप्रैल को देश में सभी की नज़रें पेट्रोल और डीजल के दाम पर है जिसके चलते हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल के दाम को स्थिर बनाए रखने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये घटा दी है। Petrol Diesel Price Today
जिसके चलते दाम में गिरावट होने की बात कही जा रही है। बता दें कि भारत में तेल कंपनी हर रोज सुबह करीब 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती के जिसके चलते आज नए वित् वर्ष के दिन भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकारी राहत और ग्लोबल मार्केट Petrol Diesel Price Today

जैसे की पहले भी बताया गया है कि केंद्र सरकार ने महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती का कदम तो उठाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने इस राहत की राह में रोड़े अटका दिए हैं।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने तेल तेल की कीमतें घटने से रोक दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार टैक्स न घटाती, तो आज पेट्रोल के दाम 115 रुपये के पार पहुंच सकते थे। यानी, एक्साइज ड्यूटी में कटौती ने कीमतों को बढ़ने से तो रोक दिया, लेकिन उन्हें नीचे लाने में फिलहाल कामयाबी नहीं मिली है।
कहीं राहत, कहीं 100 के पार पेट्रोल
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 95 रुपये के स्तर से नीचे बनी हुई हैं, जो उत्तर भारतीयों के लिए राहत की बात है। वहीं, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में अभी भी पेट्रोल की 100 पर बरकरार है।
1 अप्रैल 2026 को प्रमुख शहरों के ताजा भाव Petrol Diesel Price Today
शहर पेट्रोल (₹) डीजल (₹)
दिल्ली 94.77 87.67
लखनऊ 94.65 87.76
मुंबई 103.54 90.03
बेंगलुरु 102.92 90.99
चेन्नई 100.80 92.39
जयपुर 104.88 92.39
पटना 105.18 92.04
कोलकाता 105.45 92.02
पोर्ट ब्लेयर 82.46 78.05
तालिका पर नजर डालें तो अंडमान के पोर्ट ब्लेयर में तेल सबसे सस्ता है, जबकि बिहार और राजस्थान के कुछ शहरों में वैट की अधिक दरों के कारण कीमतें अभी भी आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं। Petrol Diesel Price Today
डीजल की स्थिरता Petrol Diesel Price Today
एक सकारात्मक पहलू यह है कि पूरे देश में डीजल की कीमतें 100 रुपये के आंकड़े से नीचे बनी हुई हैं। चूंकि देश में माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन मुख्य रूप से डीजल पर निर्भर है, इसलिए इसकी कीमतों में स्थिरता रहने से आवश्यक वस्तुओं के दाम अचानक नहीं बढ़ेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि एक्साइज ड्यूटी घटाकर तेल कंपनियों के घाटे को कम किया जाए ताकि भविष्य में कीमतों में होने वाले बड़े उछाल को रोका जा सके। आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करेंगे।

