Aaj Ka Mausam: अप्रैल के महीने में जहा हर बार सूरज की तेज तपिश देखने को मिलत्ती है वही इस बार कुदरत का मिजाज कुछ और ही दिशा में चल रहा है। जिसके चलते सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के करना उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी इलाकों में भी मौसम ने कड़वाहट ले ली है। Aaj Ka Mausam
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही और छिटपुट बारिश ने भीषण गर्मी के आगमन पर ब्रेक लगा दिया है।
आज केसा रहेगा मौसम Aaj Ka Mausam

आज 5 अप्रैल की बात करें तो मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के कई हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्ट की भी संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते अभी करीब 1 हफ्ते तक तापमान में ज्यादा उछाल नहीं आएगा जिससे तेज गर्मी और लू से राहत मिलेगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओले
पहाड़ी राज्यों में कुदरत का दोहरा असर दिख रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऊंचाई वाले इलाकों में जहां हल्की बर्फबारी का दौर जारी है, वहीं निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आज उत्तराखंड के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं, जो सेब की फसल और अन्य बागवानी के लिए चिंता का विषय बन सकता है। Aaj Ka Mausam
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। धूल भरी आंधी के साथ आने वाली यह बारिश तापमान को सामान्य से नीचे बनाए रखेगी।
7 और 8 अप्रैल को फिर बदलेगा मौसम
जानकारी के लिए बता दें कि आज की बारिश के बाद भी मौसम में ज्यादा सुधर नहीं होने वाला है क्योंकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है। इसका सबसे ज्यादा असर 7 और 8 अप्रैल को देखने को मिलेगा। 7 अप्रैल की रात से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम फिर बदलेगा।
आठ अप्रैल को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ जैसे इलाकों में भी 8 अप्रैल तक बिजली कड़कने और छिटपुट बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। Aaj Ka Mausam
पूर्वोत्तर का हाल Aaj Ka Mausam
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे वहां जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
किसानों के लिए चिंता
शहरों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुहावना मौसम किसी तोहफे से कम नहीं है क्योंकि पंखे-कूलर की जरूरत अभी कम ही महसूस हो रही है। हालांकि, खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की तैयार फसल के लिए यह बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि किसी आफत से कम नहीं है।

