Haryana Digital Billing: हरियाणा में लगातार कई सेवाओं को डिजिटल रूप में बदला जा रहा है। जिसके चलते अब फिर सरकार द्वारा एक और अहम कदम उठाया गया है। अब प्रदेष में उभोक्ताओं को पानी के बिल के लिए डाकिये का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। न ही बिल खोने का कोई झंझट रहेगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की और से अब राज्य में डिजिटल बिलिंग व्यवस्था को पूरी तरह लागु करने का फैसला लिया गया है। जिसके चलते अप्रैल के आखरी हफ्ते तक यह प्रक्रिया लागु की जा सकती है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन कामकाजी लोगों और बुजुर्गों को होगा जिन्हें अक्सर बिल जमा करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था या समय पर बिल न मिलने के कारण पेनल्टी भरनी पड़ती थी।
एसएमएस और व्हाट्सएप का तालमेल Haryana Digital Billing

विभाग द्वारा तैयार की गई इस योजना के तहत जैसे ही सिस्टम में बिल जनरेट होगा, उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक SMS पहुंच जाएगा। इसके साथ ही विभाग व्हाट्सएप पर एक लिंक भी साझा करेगा। Haryana Digital Billing
उपभोक्ता उस लिंक पर क्लिक करके अपना बिल डाउनलोड कर सकेंगे और वहीं से ऑनलाइन भुगतान भी कर पाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी होगी, जिससे उपभोक्ताओं को भुगतान की तत्काल रसीद भी उनके फोन पर ही मिल जाएगी।
पारदर्शिता पर जोर Haryana Digital Billing
सूत्रों और जानकारों का मानना है कि इस कदम से सिस्टम में मौजूद कई खामियां दूर होंगी। अक्सर यह शिकायत रहती थी कि बिल वितरण में देरी होने के कारण अंतिम तिथि निकल जाती है। लेकिन अब बिल की अंतिम तिथि नजदीक आने पर विभाग की ओर से रिमाइंडर मैसेज भेजे जाएंगे। इसके अलावा बड़े बकायेदारों या भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं को फोन कॉल के जरिए भी सूचित किया जाएगा। Haryana Digital Billing
डिजिटल को ध्यान में रखते हुए विभाग ने फिलहाल ऑफलाइन भुगतान के काउंटर भी खुले रखने का फैसला किया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों या तकनीकी रूप से कम दक्ष लोगों को परेशानी न हो।
मोबाइल नंबर अपडेट न होना बनी सबसे बड़ी रुकावट
इस पूरी योजना की सफलता का दारोमदार उपभोक्ताओं के सही डेटा पर टिका है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन लाखों उपभोक्ताओं की है जिन्होंने सालों पहले कनेक्शन लिया था लेकिन अपना मोबाइल नंबर कभी अपडेट नहीं कराया। बिना सही मोबाइल नंबर के यह डिजिटल सुविधा उन तक नहीं पहुंच पाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि बार-बार अपील के बावजूद अभी भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जिसका नंबर पोर्टल पर दर्ज नहीं है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपने क्षेत्र के संबंधित कार्यालय में जाकर या विभागीय वेबसाइट पर अपना सक्रिय नंबर अपडेट करा लें।

