Haryana Minimum wage hike 2026 : हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें कुल 7 एजेंडे रखे गए थे। इनमें से 6 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बैठक में दो बड़े फैसले सबसे अहम रहे-अग्निवीरों के लिए आरक्षण बढ़ाना और न्यूनतम मजदूरी में बड़ी वृद्धि करना। हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की बढ़ौतरी हो गई है।
सीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बताया कि अग्निवीर पॉलिसी 2024 में संशोधन करते हुए फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसे पदों पर होरिजेंटल आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के अनुशासन और अनुभव का बेहतर उपयोग करना है।
Minimum wage hike : न्यूनतम मजदूरी 11257 रुपए से 15220 रुपए हुई
इसके अलावा कैबिनेट के फैसले के तहत अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन ₹11,257 से बढ़ाकर ₹15,220 कर दिया गया है। वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹12,430 से बढ़ाकर ₹16,780 और कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13,704 से बढ़ाकर ₹18,500 कर दिया गया है। इसके अलावा उच्च कुशल श्रमिकों का वेतन भी ₹14,389 से बढ़ाकर ₹19,425 कर दिया गया है। यह वृद्धि एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की गई है, जिसे कैबिनेट ने विचार-विमर्श के बाद मंजूरी दी।
कैबिनेट ने सामाजिक और शहरी विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए। रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन करते हुए कॉलोनियों के लिए फ्लोर एरिया रेशो (FAR) 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास सुविधाएं बेहतर होंगी। इसके अलावा राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है, जिसमें एसिड अटैक पीड़ितों, स्वयं सहायता समूहों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
Haryana minimum wage : राशन डिपो से जुड़े नियमों में किया बदलाव
सरकार ने राशन डिपो के लाइसेंस से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। अब नए डिपो लाइसेंस 300 की जगह 500 राशन कार्ड पर जारी होंगे। डिपो धारकों की अधिकतम आयु 60 वर्ष तय की गई है, जिसे अच्छे कार्य के आधार पर 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही, डिपो धारक की मृत्यु होने की स्थिति में उसके कानूनी वारिस को लाइसेंस दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है।
इसके अलावा हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) नियम, 1964 में संशोधन करते हुए नया नियम 5A जोड़ा गया है। इसके तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स को राहत मिलेगी, जिनके पास लाइसेंस या CLU के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं है। नए प्रावधान के अनुसार, परियोजना के लिए रास्ता उपलब्ध कराने के बदले भूमि का एक हिस्सा पंचायत को हस्तांतरित करना होगा, जिससे विकास कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर हो सकेंगी।
Minimum wage hike : न्यूनतम वेतन में संशोधन किया लागू
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच श्रमिक वर्ग को आर्थिक सहारा देना है। बढ़ी हुई मजदूरी से न सिर्फ श्रमिकों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आने की उम्मीद है। लंबे समय से न्यूनतम वेतन में संशोधन की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने लागू कर दिया है।
कैबिनेट बैठक में अन्य कई एजेंडों पर भी मुहर लगी, हालांकि सबसे बड़ा और प्रभावशाली निर्णय न्यूनतम वेतन वृद्धि को ही माना जा रहा है। इसके अलावा अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण बढ़ाने जैसे फैसले भी लिए गए, लेकिन श्रमिकों से जुड़ा यह निर्णय सीधे तौर पर बड़ी आबादी को प्रभावित करेगा।

